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शेयर मार्केट में लगाते हैं पैसा तो जल्द निपटा लें ये काम, बंद हो सकता है Demat अकाउंट

बीएसई की वेबसाइट पर उपलब्ध इस एडवाइजरी के अनुसार, Demat अकाउंट में केवाईसी अपडेट करने की डेडलाइन 31 मार्च 2022 है. शेयर मार्केट ने इन्वेस्टर्स को आगाह किया है कि डेडलाइन समाप्त होने से पहले वे अपने डीमैट अकाउंट की केवाईसी को अपडेट करा लें. ऐसा नहीं कराने पर 31 मार्च 2022 के बाद डीमैट अकाउंट को बंद कर दिया जाएगा.

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जल्द करा लें केवाईसी जल्द करा लें केवाईसी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 31 मार्च को समाप्त हो रही KYC डेडलाइन
  • नहीं कराया KYC तो सस्पेंड हो जाएगा अकाउंट

पिछले 1-2 साल के दौरान शेयर मार्केट (Share Market) में पैसे लगाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है. शेयर मार्केट के बुल रन (Bull Run) और ताबड़तोड़ आईपीओ (IPO) ने लोगों को पैसे बनाने का बढ़िया विकल्प दिया. इसके चलते डीमैट अकाउंट (Demat Account) खुलवाने की रफ्तार कई गुना बढ़ गई. इस बात को ध्यान में रखते हुए डीमैट अकाउंट के लिए केवाईसी (KYC) अनिवार्य बना दिया गया है, जिसकी डेडलाइन (Deadline) जल्दी ही समाप्त होने वाली है. बिना केवाईसी वाले डीमैट अकाउंट डेडलाइन के बाद बंद कर दिए जाएंगे.

इस तारीख को समाप्त हो रही डेडलाइन

बीएसई (BSE) ने इसे लेकर हाल ही में एक एडवाइजरी (Advisory) जारी की है. बीएसई की वेबसाइट पर उपलब्ध इस एडवाइजरी के अनुसार, डीमैट अकाउंट में केवाईसी अपडेट करने की डेडलाइन 31 मार्च 2022 है. शेयर मार्केट ने इन्वेस्टर्स को आगाह किया है कि डेडलाइन समाप्त होने से पहले वे अपने डीमैट अकाउंट की केवाईसी को अपडेट करा लें. ऐसा नहीं कराने पर 31 मार्च 2022 के बाद डीमैट अकाउंट को बंद कर दिया जाएगा.

केवाईसी में ये जानकारियां जरूरी

बीएसई के अनुसार, केवाईसी में 6 जानकारियां अनिवार्य हैं. ये 6 जानकारियां नाम, पैन, पता, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और इनकम रेंज हैं. जो इन्वेस्टर कस्टडियन सर्विसेज यूज कर रहे हैं, उनके लिए कस्टडियन के डिटेल्स प्रोवाइड कराना भी जरूरी है. डेडलाइन तक ये जानकारियां अपडेट नहीं होने पर एक्सचेंज वैसे ट्रेड अकाउंट (Trade Account) को सस्पेंड कर देगा. साथ ही डिपॉजिटरी ऐसे अकाउंट से डेबिट पर भी रोक लगा देगा.

ऐसे केवाईसी अपडेट करा सकते हैं इन्वेस्टर

इन्वेस्टर डीमैट अकाउंट के केवाईसी अपडेशन के लिए अपने स्टॉकब्रोकर (Stockbroker) से संपर्क कर सकते हैं. इन्वेस्टर्स को डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (Depository Participant) के जरिए भी केवाईसी अपडेट कराने का विकल्प मिलता है. निवेशकों से कहा गया है कि वे एक्सचेंज और डिपॉजिटरी के गाइडलाइंस का पालन करें. एक्सचेंज और डिपॉजिटरी समय-समय पर केवाईसी व अन्य जरूरी चीजों की जानकारी देते रहते हैं.

 

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