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Iran War: मिडिल ईस्‍ट में जंग... लेकिन भारत में क्‍यों गिर गए अंडे के दाम? इतने हुए सस्‍ते

मिडिल ईस्‍ट में जंग के कारण भारत और खाड़ी देशों के बीच आयात-निर्यात बुरी तरह से प्रभावित हुआ है, जिस कारण बहुत सी चीजें भारत से बाहर नहीं जा पा रही हैं. वहीं तेल और गैस की समस्‍या भी सामने आई है.

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अंडे के दाम में कमी. (Photo- pixabay)
अंडे के दाम में कमी. (Photo- pixabay)

वेस्‍ट एशिया में तनाव बढ़ने के कारण खाड़ी देशों से व्‍यापार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. खाड़ी देशों से तेल-गैस आने में दिक्‍कतों का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही भारत का एक्‍सपोर्ट भी प्रभावित हुआ है. चावल और अन्‍य एग्री प्रोडक्‍ट्स निर्यात नहीं हो पा रहे हैं. 

इसी तरह, खाड़ी देशों के प्रमुख बाजारों में अंडे के निर्यात में भी बाधा आई है, जिस कारण भारत में अंडों की कीमतों में भारी गिरावट आई है. बेंगलुरु में थोक अंडे की कीमतें लगभग 7 रुपये प्रति अंडे से घटकर लगभग 5 रुपये प्रति अंडा हो गई हैं. थोक खरीदार अब लगभग 500 रुपये में 100 अंडे ले सकते हैं. वहीं खुदरा कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखी गई है. दुकान से आम लोगों तक अंडे 5.50 रुपये से 6 रुपये के हिसाब से बिक रहे हैं, जबकि पहले इनकी कीमत 8 रुपये से 9 रुपये थी. 

सुरक्षा संबंधी चिंताओं और परिवहन मार्गों में व्यवधान के कारण संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, कतर और बहरीन जैसे देशों के साथ व्यापार ठप्प हो गया है. इस कारण अंडों की अधिकता से घरेलू कीमतों में अचानक गिरावट आई है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली है, लेकिन उन मुर्गी पालकों के लिए चुनौतियां खड़ी हो गई हैं जो इन निर्यातों पर काफी हद तक निर्भर हैं. 

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हर दिन एक करोड़ अंडे होते थे एक्‍सपोर्ट
उद्योग जगत के अनुमानों के अनुसार, संकट बढ़ने से पहले भारत से खाड़ी देशों को हर दिन करी एक करोड़ अंडे निर्यात किए जाते थे. स्थिति बिगड़ने के साथ ही, निर्यात के लिए रखे गए अंडों को घरेलू बाजारों की ओर मोड़ दिया गया, जिससे अंडों की अधिक आपूर्ति हो गई. उद्योग सूत्रों का कहना है कि भारत में उत्पादित लगभग 80% अंडे आमतौर पर खाड़ी देशों को निर्यात किए जाते हैं.

एक्‍सपोर्ट नहीं होने से तेजी से गिरे दाम
ट्रांसपोर्ट और एक्‍सपोर्ट व्यवस्था में आई बाधाओं के साथ-साथ रमजान के दौरान खाद्य पदार्थों की खपत में आए बदलावों ने खाड़ी देशों से मांग को और भी कम कर दिया है. एक्‍सपोर्ट ठप होने के कारण भारतीय बाजार अब इस अतिरिक्त स्टॉक को खपा रहा है, जिससे थोक और खुदरा दोनों क्षेत्रों में कीमतें तेजी से गिरी हैं. 

भारत में बढ़ी डिमांड
इस गिरावट के कारण कंज्‍यूमर्स की मांग में तेजी देखी गई है, जिनमें से कई ने अधिक कीमतों के कारण अंडों का सेवन कम कर दिया था. किफायती दरों के कारण अंडे देश भर के परिवारों के लिए प्रोटीन का एक पसंदीदा और सुलभ सोर्स बनते जा रहे हैं. हेल्‍थ एक्‍सपर्ट्स के अनुसार, 100 ग्राम अंडे में लगभग 155 कैलोरी और 12.6 ग्राम प्रोटीन होता है, जो इसे संतुलित आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाता है.

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