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Income Tax Rules: 01 अप्रैल से बदल जाएंगे इनकम टैक्स के ये 5 नियम, जानें अपना नफा-नुकसान

इस बार बजट में इनकम टैक्स को लेकर कोई बड़ा बदलाव तो नहीं किया गया, लेकिन फिर भी 5 ऐसी चीजें बदली हैं, जो काफी लोगों पर असर डालने वाली हैं. आइए देखते हैं कि इन बदलावों से क्या नुकसान और क्या फायदे होने वाले हैं.

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बदल जाएंगे ये नियम (Photo: Getty)
बदल जाएंगे ये नियम (Photo: Getty)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 01 अप्रैल से शुरू होगा नया फाइनेंशियल ईयर
  • बजट में बदले गए थे इनकम टैक्स के कुछ नियम

वित्त वर्ष 2021-22 (FY22) समाप्त हो रहा है. महीना बदलते ही यानी 01 अप्रैल 2022 से नया वित्त वर्ष (FY23) शुरू हो जाएगा. इसके साथ ही कई अहम बदलाव भी होने जा रहे हैं. सबसे जरूरी बदलाव इनकम टैक्स (Income Tax) को लेकर होने वाले हैं. इनकम टैक्स से जुड़े कुछ ऐसे नियम (Income Tax Rules) 01 अप्रैल से बदलने जा रहे हैं, जो आपके पॉकेट और बजट पर सीधा असर डालने वाले हैं. आइए जानते हैं इनकम टैक्स से जुड़े ऐसे 5 प्रमुख बदलावों के बारे में...

1: दिव्यांगों और कोविड ट्रीटमेंट पर राहत

इस बार के बजट में लोगों को भले ही इनकम टैक्स के मोर्चे पर सरकार से बड़ी राहतों की उम्मीदें थीं, लेकिन राहतों की जगह निराशा ही हाथ लगी थी. हालांकि कुछ मोर्चे पर सरकार ने राहतें देने का ऐलान किया था. कोरोना का इलाज कराने के लिए मिले पैसों को टैक्स के दायरे से बाहर करना इन्हीं में से एक है. इसका मतलब हुआ कि अगर आपको कोरोना के इलाज के लिए कहीं से पैसे मिले हैं, तो उस पर टैक्स नहीं लगेगा. इसी तरह कोरोना के चलते किसी परिजन की मौत हो जाने पर 10 लाख रुपये तक की मिलने वाली रकम को भी टैक्स के दायरे से बाहर रखा गया था. सरकार ने दिव्यांग नागरिकों को भी राहत दी है. अगर कोई व्यक्ति दिव्यांग है तो उसके पैरेंट या गार्जियन बदले में इंश्योरेंस ले सकते हैं और उस पर टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं.

2: अपडेटेड आईटी रिटर्न फाइल करना

इस बार इनकम टैक्स के नियमों में जो अहम बदलाव किए गए हैं, उनमें अपडेटेड रिटर्न फाइल करने की सुविधा देना अहम है. अगर पहली बार रिटर्न भरने में आपसे कोई गलती रह गई हो तो आप दूसरा अपडेटेड रिटर्न फाइल कर उसे सही कर सकते हैं. जिस भी असेसमेंट ईयर का मामला है, उसके 2 साल बाद तक अपडेटेड रिटर्न भरा जा सकता है. हालांकि यह सुविधा सिर्फ उन मामलों के लिए है, जिनमें टैक्सपेयर ने गलती से कम टैक्स भरा हो या किसी टैक्सेबल इनकम की जानकारी छूट गई हो. 

3: क्रिप्टो पर टैक्स

एक अप्रैल से भारत में क्रिप्टो से जुड़े एसेट टैक्सेबल हो जाएंगे. क्रिप्टो से हुई आय पर 30 फीसदी का भारी-भरकम टैक्स लगने वाला है. इसके अलावा क्रिप्टो रिलेटेड ट्रांजेक्शन पर 1 फीसदी टीडीएस भी कटेगा. हालांकि टीडीएस 01 जुलाई 2022 से अमल में आएगा. इसी तरह क्रिप्टो में हुए लॉस को ऑफसेट करने की सुविधा भी नहीं मिलने वाली है. मान लीजिए कि किसी एक क्रिप्टो से आपको लॉस हुआ और दूसरे से फायदा तो इसे ऑफसेट नहीं किया जा सकेगा. इसका अर्थ हुआ कि फायदे वाले हिस्से पर टैक्स देना होगा. इसे ऐसे समझिए. अगर आपको बिटकॉइन से 1000 रुपये की कमाई हुई और इथेरम से 500 रुपये का नुकसान हो गया. तो इस स्थिति में आपका नेट प्रॉफिट भले ही 500 रुपये है, लेकिन आपको 1000 रुपये के फायदे पर टैक्स देना होगा.

4: राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए एनपीएस डिडक्शन

राज्य सरकारों के कर्मचारी अब एम्पलॉयर के एनपीएस कंट्रीब्यूशन पर ज्यादा डिडक्शन क्लेम कर सकेंगे. बजट में वित्त मंत्री ने कहा था कि अब राज्य सरकारों के कर्मचारी भी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता के 14 फीसदी के बराबर कंट्रीब्यूशन तक पर 80CCD (2) डिडक्शन क्लेम कर सकेंगे. ऐसा करने से राज्य सरकारों के कर्मचारियों को भी केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर लाभ मिलेगा. यह बदलाव भी 01 अप्रैल से लागू होने वाला है.

5: पीएफ अकाउंट पर टैक्स

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने इनकम टैक्स (25वां संशोधन) नियम 2021 को 01 अप्रैल से लागू करने का फैसला किया है. इसके लागू होने से ईपीएफ में अब 2.5 लाख रुपये तक का कंट्रीब्यूशन ही टैक्सफ्री रहेगा. अगर आपके ईपीएफ खाते में कंट्रीब्यूशन 2.5 लाख रुपये तक का रहा तो ठीक, लेकिन इससे ज्यादा कंट्रीब्यूशन होने पर इंटेरेस्ट इनकम टैक्सेबल हो जाएगा. इस बदलाव से प्राइवेट सेक्टर के वैसे कर्मचारी प्रभावित होंगे, जिनकी सैलरी ज्यादा है.

 

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