80 लाख लोगों को आयकर विभाग से मिल चुका है रिफंड, अब तक 4 करोड़ से अधिक ITR हुए फाइल
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने आईटीआर फाइल करने के लिए अंतिम तारीख 31 जुलाई 2023 निर्धारित की है. अगर आप टैक्सपेयर हैं और अब तक अपना रिटर्न दाखिल नहीं किया है, तो इस काम को आप आसानी से ऑनलाइन पूरा कर सकते हैं.
एसेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की डेडलाइन नजदीक आती जा रही है. इनकम टैक्स विभाग ( Income Tax) टैक्सपेयर्स से इस काम को 31 जुलाई 2023 से पहले पूरा करने के लिए कह रहा है. अब तक चार करोड़ से अधिक इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं. इनमें से 80 लाख लोगों को रिफंड भी जारी किया जा चुका है. ये जानकारी सीबीडीटी अध्यक्ष नितिन गुप्ता ने दी.
उन्होंने कहा कि हर स्तर पर वर्कफोर्स में कमी बेहतर नतीजे देने के हमारे प्रयासों में बाधा बन रही है. इसके लिए केंद्रीय वित्त मंत्री से विभाग के कैडर पुनर्गठन प्रस्ताव को तुरंत मंजूरी देने का आग्रह किया है.
नितिन गुप्ता ने कहा कि चालू वर्ष में 50 फीसदी से अधिक रिटर्न की पहले जांच हो चुकी है. रिटर्न प्रोसेसिंग में लगने वाला औसत समय पिछले साल के 26 दिन की तुलना में इस वर्ष घटकर 16 दिन रह गया है. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इसे और कम किया जाएगा. बता दें कि पिछले पूरे वर्ष में 5.83 करोड़ लोगों ने आईटीआर भरा था.
देर से भरने पर लगेगा फाइन
आयकर रिटर्न दाखिल करने की लास्ट डेट (ITR Filing Last Date) 31 जुलाई को इस बार आगे बढ़ाने की संभावना कम ही दिख रही है. डेडलाइन के बाद आईटीआर दाखिल करने के लिए ऑप्शन मौजूद रहेंगे. लेकिन इसके लिए जुर्माना भरना होगा. देर से आईटीआर फाइल करने पर 5 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले करदाताओं के लिए 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है, जबकि 5 लाख रुपये से अधिक की वार्षिक आय के लिए 5,000 रुपये की लेट फीस वसूली जाती है.
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घर बैठे ऐसे ITR फाइल कर सकते हैं:
आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल (https://eportal.incometax.gov.in/) पर जाएं.
इसके बाद होमपेज पर अपनी यूजर ID और पासवर्ड की मदद से लॉग-इन करें.
इसके बाद एसेसमेंट ईयर का चयन करें, जैसे कि 2023-24, और 'कंटीन्यू' पर क्लिक करें.
अब आईटीआर फाइलिंग का तरीका चुनें और ऑनलाइन ऑप्शन का चयन करें.
अब आप अपनी टैक्स आय और TDS कैलकुलेशन के हिसाब से अपना ITR फॉर्म चुनें.
अपने लिए लागू ITR चुनने के बाद सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स को पास रखकर स्टार्ट ऑप्शन पर क्लिक करें.
अब स्क्रीन पर कुछ सवाल आएंगे, जो भी आप पर लागू हैं, उसके चेक बॉक्स को मार्क करके कंटीन्यू पर क्लिक कर दें.
डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, अपनी आय और कटौती का ब्योरा अलग-अलग सेक्शन में दर्ज करें.
अगर टैक्सलायबिलिटी का मामला है तो, आपके दिए गए ब्योरे के आधार पर टैक्स-कैलकुलेशन का संक्षिप्त विवरण दिखेगा.
कैलकुलेशन के हिसाब से टैक्सलायबिलिटी बनती है, तो 'अभी भुगतान करें' और 'बाद में भुगतान करें' का विकल्प चुन सकते हैं.
अगर कोई टैक्सलायबिलिटी नहीं बनती, तो फिर टैक्स चुकाने के बाद, 'प्रिव्यू रिटर्न' पर क्लिक करना होगा.
इसके बाद 'प्रिव्यू और रिटर्न जमा करें' डिक्लेरेशन चेकबॉक्स पर क्लिक करके 'वैलिडेशन के लिए आगे बढ़ें' ऑप्शन चुनें.
प्रिव्यू देखें और 'रिटर्न जमा करें' पेज पर, वेरिफाई के लिए आगे बढ़ें. रिटर्न को वेरिफाई और ई-सत्यापित करना अनिवार्य है.
ई-वेरिफाई पेज पर जिस विकल्प का इस्तेमाल कर आप ई-सत्यापन करना चाहते हैं, उसे चुनें और 'कंटीन्यू' पर क्लिक करें.
एक बार जब आप रिटर्न को ई-वेरिफाई करा लेते हैं, तो फार्म के सफलतापूर्व भरे जाने की सूचना स्क्रीन पर दिखती है.
ट्रांजैक्शन ID और एकनॉलेजमेंट नंबर स्क्रीन पर मिलता है, जिससे आप भविष्य में अपने ITR फॉर्म का स्टेटस चेक कर सकते हैं.
ई-फाइलिंग पोर्टल पर आपका जो मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी रजिस्टर्ड है, फॉर्म सफलता पूर्वक भरने जाने का मैसेज मिल जाएगा.
नया या पुराना टैक्स रिजीम खुद से चुनें
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आईटीआर (ITR) फाइल करते समय इस बात का ध्यान रखें कि इस बार न्यू टैक्स रिजीम को डिफॉल्ट में रखा गया है. अगर आप ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत आईटीआर फाइल करना चाहते हैं, तो फिर आपको इसे खुद से बदलना होगा.