दिवाली से ठीक दो दिन पहले अचानक नौकरी से निकाल देना. तर्क देना कि अब कंपनी को आपकी जरूरत नहीं है. देश-दुनिया में छंटनी को लेकर तरह-तरह के तरीके देखे जा रहे हैं, या कहें हथकंडे अपनाए जा रहे हैं. लेकिन सोचने वाली बात ये है कि उस कर्मचारी पर क्या बीती होगी, जो परिवार के साथ दिवाली की तैयारी जुटा होगा, उसे अचानक ने कह दिया कि अब आपकी नौकरी नहीं रही. आप कल से दफ्तर नहीं आएंगे.
दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर एक पोस्ट अब तेजी से वायरल हो रहा है, जहां एक कर्मचारी ने अपनी पूरी कहानी बताई है. जिसे दिवाली से ठीक दो दिन पहले अचानक नौकरी से निकाल दिया गया. इसकी पहले कोई सूचना नहीं दी गई. कंपनी के इस फैसले से कर्मचारी को मानसिक तौर पर झकझोर दिया. क्योंकि लंबे समय तक उसने इस कंपनी के साथ काम किया था, कई अहम जिम्मेदारियां संभाली थीं. लेकिन इसके बावजूद उसे एक झटके में बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.
पहले नौकरी से निकाल... फिर मिन्नत!
यह मामला तब चर्चा में आया जब उस कर्मचारी ने अपना अनुभव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर साझा किया. कर्मचारी ने बताया कि नौकरी जाने के बाद उन्हें गहरा झटका लगा. उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उसकी गलती क्या थी, अचानक हुई छंटनी की वजह से उसे आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा. हालांकि समय के साथ उसने खुद को संभाला और फिर दूसरी जगह जॉब मिल गया.
फिर अचानक करीब 6 महीने के बाद उस कर्मचारी को अपने पुराने दफ्तर से फोन आया. कंपनी के लोग डेटा के बारे पूछने लगे, फिलहाल कंपनी ने जिस शख्स को इसकी जिम्मेदारी दी थी, उससे काम संभल नहीं रहा था. इससे कंपनी को नुकसान हो रहा था. क्योंकि उस कंपनी से छंटनी में निकाले गए कर्मचारी ही सारा डेटा संभालता था, दूसरे कर्मचारियों को इस बारे में कम जानकारी थी. लेकिन इसके बावजूद भी कंपनी ने बिना सोचे-समझे उस कर्मचारी को नौकरी से अचानक निकाल दिया. उस कंपनी ने दोराबा बुलाने की कोशिश की, लेकिन कर्मचारी से मना कर दिया.
पुराने संस्थान से फोन आते ही हंस पड़ा कर्मचारी
खुद कर्मचारी ने मजेदार अंदाज में लिखा,'आज 6 महीने बाद डेटा के बारे में पूछने के लिए फोन आया. मैं हंस पड़ा.' क्योंकि इसी कंपनी ने उसे अचानक निकाल दिया था, अब जरूरत पड़ने पर संपर्क करने में लगी है. क्योंकि कंपनी के पास उस सिस्टम की पूरी जानकारी नहीं थी और काम प्रभावित होने लगा था.
यह मामला दिखाता है कि किसी भी संस्था के लिए अनुभवी कर्मचारी कितना महत्वपूर्ण होता है. अचानक लिए गए फैसले बाद में कंपनियों के लिए ही मुश्किल बन सकते हैं. क्योंकि आज के दौर लागत कम करने की दौड़ में कई बार कर्मचारियों के योगदान और भावनाओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है.
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर लोगों ने कंपनी की आलोचना की. कई यूजर्स ने कहा कि कंपनियां अक्सर कर्मचारियों की अहमियत तब समझती हैं, जब वो काम छोड़ चुके होते हैं. कुछ लोगों ने इसे 'टॉक्सिक वर्क कल्चर' का उदाहरण बताया. जहां कर्मचारियों को केवल एक संसाधन की तरह देखा जाता है. वहीं कुछ यूजर्स ने कर्मचारी की स्थिति के प्रति सहानुभूति जताई और कहा कि अचानक नौकरी से निकालना किसी भी व्यक्ति को परेशान कर देता है.