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सब्जी बेचकर पहली ही कोशिश में जज बना युवक

सफलता के लिए साधन नहीं साध्य की जरूरत होती है. बिहार के आरा में एक युवक ने कड़ी मेहनत से अपने सपनों को पूरा कर दिखाया है. आरा में रहने वाले चंदन कुमार ने परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से बड़ी सफलता हासिल की है.

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सफलता के लिए साधन नहीं साध्य की जरूरत होती है. बिहार के आरा में एक युवक ने कड़ी मेहनत से अपने सपनों को पूरा कर दिखाया है. आरा में रहने वाले चंदन कुमार ने परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से बड़ी सफलता हासिल की है.

चन्दन कुमार वर्मा ने छोटे से धरती के टुकड़े पर पसीना बहाकर सब्जी की खेती करना शुरू किया और उन पैसो को लेकर कुछ किताब खरीदीं. किताबों को खरीदने के बाद चंदन ने मन लगाकर पढ़ाई करना शुरू किया. चंदन का बचपन से ही जज बनने का सपना था.

सब्जी बेचकर खरीदी किताबों और निश्चित लक्ष्य से चंदन ने अपने पहली ही कोशिश में जुडिशरी (बिहार न्यायिक परीक्षा) की परीक्षा में सफलता प्राप्त की और जज बन गए हैं. चंदन की सफलता उन युवाओं के लिए एक सन्देश है जो साधना के आभाव में हताश होकर बैठ जाते हैं.

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