लोकसभा में बजट भाषण के दौरान जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि आईटी सेक्टर को मदद की जाएगी. इस घोषणा के बाद शेयर बाजार अचानक तेजी आ गई. लेकिन ये तेजी चंद मिनट भी नहीं टिक पाई, क्योंकि वित्त मंत्री ने शेयर बाजार में फ्यूचर्स और ऑप्शन में ट्रेड करने वालों को झटका दे दिया. इस ऐलान के साथ ही बाजार चंद सेकंड में ही बिखर गया.
बजट ने वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि ऑप्शन प्रीमियम पर (Securities Transaction Tax- STT) बढ़ाकर 0.15 फीसदी कर दिया गया है, जबकि फ्यूचर्स पर STT को बढ़ाकर 0.05 फीसदी कर दिया गया है. यानी इससे अब ट्रेड करना थोड़ा महंगा हो जाएगा.
हालांकि सरकार का तर्क हो सकता है कि रिटेल निवेशकों को फ्यूचर्स एंड ऑप्शन से बचाने के लिए ये कदम उठाया गया है. STT महंगा होने से लोग ऑप्शन में ट्रेड करने से बचेंगे, लेकिन इसी फैसले ने कैपिटल मार्केट के साथ-साथ शेयर बाजार को जोरदार तरीके से हिला दिया है.
STT बढ़ाने का ऐलान और बिखर गया बाजार
इस ऐलान के साथ ही शेयर बाजार क्रैश हो गया. देखते ही देखते सेंसेक्स (Sensex) 2300 अंक से ज्यादा गिर गया, निफ्टी में भी 500 अंकों तक गिरावट देखी गई. हालांकि निचले स्तर से थोड़े सुधार देखने को मिल रहे हैं. लेकिन तमाम जानकार कह रहे हैं कि STT बढ़ाने का ये सही वक्त नहीं था, क्योंकि बाजार पहले से ही दबाव में है.
क्या है STT?
दरअसल, जब आप शेयर बाजार में शेयर, इक्विटी म्यूचुअल फंड या डेरिवेटिव (F&O) की खरीद-फरोख्त करते हैं, तो सरकार जो टैक्स लेती है उसे STT कहते हैं. जब आप ट्रेड करते हैं तो STT अलग से जमा नहीं करना होता, ब्रोकर खुद ही काटकर सरकार को दे देता है.
कैपिटल मार्केट से जुड़े शेयरों में लोअर सर्किट
तमाम कैपिटल मार्केट के शेयरों में लोअर सर्किट (Lower Circuit) देखने को मिल रहे हैं. BSE और Angle One के शेयरों में 10 फीसदी का लोअर सर्किट लग गया है. Grow के शेयर 11 फीसदी गिर गए.
फिलहाल फ्यूचर्स (Futures) STT रेट (Sell Value) 0.0125% फीसदी है, जबकि Options में Premium (Sell) के दौरान STT 0.0625% लगता है.
बता दें, फ्यूचर एंड ऑप्शन (F&O) ट्रेडिंग में STT सिर्फ सेल करने पर लगता है. फ्यूचर्स में STT की दर 0.0125% होती है और यह ट्रेड वैल्यू पर लगती है. ऑप्शन में STT की दर 0.0625% होती है, जो केवल प्रीमियम वैल्यू पर लगती है, पूरे कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू पर नहीं. खरीद (Buy) पर STT नहीं लगता. यह टैक्स ब्रोकर द्वारा अपने आप काट लिया जाता है. F&O ट्रेडिंग में STT को बिजनेस एक्सपेंस माना जाता है और इनकम टैक्स की गणना में खर्च के रूप में दिखाया जा सकता है.