scorecardresearch
 

ED ने कहा- अब कस्टडी जरूरी नहीं, कोर्ट ने फिर ADAG के दोनों अधिकारियों को भेजा तिहाड़

सुनवाई के दौरान खुद ED ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की. ईडी के वकील ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा, 'हमारी अब तक की पूछताछ और जांच प्रक्रिया पूरी हो चुकी है.'

Advertisement
X
मुसीबत में अनिल अंबानी. (Photo: Reuters)
मुसीबत में अनिल अंबानी. (Photo: Reuters)

बैंक लोन धोखाधड़ी (Bank Loan Fraud) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (ADAG) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को समूह के दो पूर्व सीनियर अधिकारियों अमिताभ झुनझुनवाला और अमित बाफना को 2 मई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

ED की कस्टडी खत्म होने पर पेशी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इन दोनों आरोपियों को उनकी 5 दिनों की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद कोर्ट में पेश किया था. गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ईडी ने बैंक धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन (Money Laundering) के गंभीर आरोपों के तहत इन्हें गिरफ्तार किया था. सोमवार को सुनवाई के दौरान ईडी के वकीलों ने अदालत को सूचित किया कि आरोपियों से अब तक की आवश्यक पूछताछ पूरी कर ली गई है.

ईडी ने खुद की न्यायिक हिरासत की मांग
सुनवाई के दौरान एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब जांच एजेंसी (ED) ने खुद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की. ईडी के वकील ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा, 'हमारी अब तक की पूछताछ और जांच प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. फिलहाल हमें इनसे और अधिक कस्टोडियल पूछताछ की आवश्यकता नहीं है.' जांच एजेंसी की इस मांग को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने स्वीकार कर लिया और दोनों को 2 मई तक जेल भेज दिया गया. 

Advertisement

क्या है पूरा मामला?
यह पूरी कार्रवाई बैंक लोन धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की चल रही जांच के सिलसिले में की गई है. आरोप है कि समूह की कंपनियों के माध्यम से बैंकों से लिए गए लोन की राशि का हेरफेर किया गया और उसे अन्य उद्देश्यों के लिए डायवर्ट किया गया. 

बता दें, अनिल अंबानी के बेहद करीबी माने जाने वाले अमिताभ झुनझुनवाला लंबे समय तक समूह के वित्तीय रणनीतिकार रहे हैं. वहीं अमित बाफना भी ग्रुप में सीनियर पदों पर रहे हैं और वित्तीय लेनदेन की निगरानी में उनकी भूमिका अहम रही है. 

फिलहाल, दोनों आरोपी 2 मई तक तिहाड़ जेल में रहेंगे. इस बीच ईडी अन्य कड़ियों को जोड़ने के लिए दस्तावेजों और अब तक की पूछताछ में मिले तथ्यों का विश्लेषण करेगी. कानून के जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में जांच का दायरा समूह के कुछ अन्य पूर्व और वर्तमान अधिकारियों तक भी फैल सकता है. अदालत के इस आदेश के बाद अब सभी की निगाहें 2 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement