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यूटिलिटी

कोरोना की तीसरी लहर पर SBI का दावा- मचा सकती है इतने दिन तक तबाही!

एसबीबाई की Ecowrap रिपोर्ट का दावा
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देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने अपनी नई Ecowrap रिपोर्ट में कोरोना की तीसरी लहर आने का अनुमान जताया है. एक जून को जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ये लहर भी दूसरी लहर की तरह ही बेहद खतरनाक हो सकती है.

कम की जा सकती हैं मौतें
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SBI का कहना है कि तीसरी लहर के दौरान कैजुअलिटी को न्यूनतम किया जा सकता है, इसके लिए गंभीर रूप से बीमार होने वाले लोगों को इलाज में प्राथमिकता, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत और वैक्सीनेशन को तेज करना होगा.

मौतें कम करने के लिए करना होगा ये
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SBI ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि तीसरी लहर के दौरान मौतों को कम करने के लिए स्वास्थ्य ढांचे को इतना बेहतर बनाना होगा कि गंभीर रूप से बीमार लोगों की संख्या को 20% से घटाकर 5% पर ले आया जाए. इससे मौतों की संख्या घटकर 40,000 तक आ जाएगी जो अभी की लहर में 1.5 लाख से अधिक है.

98 दिन तक मचा सकती है तबाही
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विभिन्न देशों में कोरोना की तीसरी लहर की अवधि के आधार पर SBI का कहना है कि विकसित देशों में तीसरी लहर औसतन 98 दिन रही है. जबकि दूसरी लहर 108 दिन, ऐसे में भारत में भी इसके भारी तबाही मचाने का अनुमान है.

बच्चों के लिए ज्यादा खतरा
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SBI ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि तीसरी लहर बच्चों के लिए अधिक खतरनाक रहने वाली है. ऐसे में उनके लिए विशेष तौर पर वैक्सीनेशन को तेज किए जाने की जरूरत है. देश में 12 से 18 वर्ष की आयु के 1.5 करोड़ से 1.7 करोड़ तक बच्चे हैं.  इन बच्चों को कोरोना के खतरे से बचाने के लिए भारत को विकसित देशों की तरह वैक्सीन की एडवांस खरीद की नीति अपनानी चाहिए. (Photo : Getty)

बदल गया 2022 जीडीपी वृद्धि अनुमान
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तीसरी लहर के अंदेशे को देखते हुए SBI ने 2021-2022 के लिए देश की आर्थिक वृद्धि का अनुमान भी घटाकर 7.9% कर दिया है. पहले उसने इसके 10.4% पर रहने का अनुमान जताया था. (Photo : Getty)

IIT दिल्ली ने बताया ऑक्सीजन स्टॉक बढ़ाने का तरीका
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देश में कोरोना की तीसरी लहर के अनुमान को देखते हुए IIT दिल्ली ने ऑक्सीजन के उत्पादन, स्टोरेज और वितरण में सुधार के कई उपाय सुझाए हैं. इसमें न्यूनतम ऑक्सीजन स्टोरेज को बनाए रखना अहम है. (Photo : PTI)
 

कम से कम रखे इतना ऑक्सीजन
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IIT दिल्ली का कहना है कि दिल्ली में सरकार को बुरी से बुरी स्थिति में 200 टन से 370 टन ऑक्सीजन का स्टॉक रखना चाहिए. वहीं 51 हॉस्पिटल्स को भी 250 से 450 टन ऑक्सीजन स्टोर करनी चाहिए. 26 अस्पतालों में पहले से 500 टन ऑक्सीजन स्टोरेज कैपिसिटी है. इसका उपयोग वो तीसरी लहर में कर सकती है.

पूर्वी राज्यों से नहीं आस-पास के राज्यों से दी जाए ऑक्सीजन
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दिल्ली में पिछली बार ऑक्सीजन की कमी हुई तो उसे पूर्वी भारत के सप्लायर्स से आपूर्ति की गई. आईआईटी-दिल्ली का कहना है कि दिल्ली रेग्युलर ऑक्सीजन सप्लाई मिलती रहे इसके लिए उसे आस-पास के सप्लायर्स के साथ कनेक्ट करना चाहिए. (Photo : Twitter)

री-फिल कैपेसिटी बढ़ाने की जरूरत
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आईआईटी-दिल्ली का कहना है कि दिल्ली में कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर री-फिल करने वालों की संख्या बढ़ानी होगी. साथ ही अपनी री-फिल क्षमता बढ़ाकर 2000 सिलेंडर प्रतिदिन करनी होगी.

(All Photos : File / Reuters/ PTI)