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याद रहेगा साल 2020: पहले किया 'कंगाल', फिर जाते-जाते कर गया मालामाल!

हमेशा याद रहेगा साल 2020
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साल 2020 बीतने वाला है. सदियों तक इस साल को याद किया जाएगा. साल के शुरुआत में कोरोना महामारी ने दस्तक दी, और आखिर तक इसका कहर जारी है. कोरोना की वजह से हर तरह की गतिविधियां थम गईं. इस महामारी को रोकने के लिए लॉकडाउन जैसे कड़े फैसले लेने पड़े. इस महामारी ने जन-धन दोनों को हानि पहुंचाई है. 

मार्च में बिखर गया था शेयर बाजार
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कोरोना की वजह से आर्थिक मोर्चे पर सबसे तेज झटका लगा. मार्च में कोरोना खौफ की वजह से शेयर बाजार बिखर गया. ऐसा बिखरा कि निवेशकों में हाहाकार मच गया. शेयर बाजार ने निवेशकों को एक तरह से कंगाल कर दिया. किसी को उम्मीद नहीं थी कि बाजार में इतनी जल्दी रौनक लौटेगी. लेकिन अगर इस साल के शुरुआत में निवेशक कंगाल हुए और साल के जाते-जाते निवेशक मालामाल भी हो गए. (Photo: File)

23 मार्च को आ गया था भूचाल
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दरअसल, कोरोना के कहर की वजह से मार्च में शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई. भारतीय शेयर बाजार में 23 मार्च को भूचाल आ गया था. 23 मार्च की सुबह 10 बजे लोअर सर्किट लगने से पहले ही बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 10,29,847 करोड़ रुपये घटकर 1,05,79,296 करोड़ रुपये रह गया था. यानी कारोबार के शुरुआती एक घंटे में ही निवेशकों के करीब 10 लाख करोड़ रुपये डूब गए. (Photo: File)

23 मार्च को सेंसेक्स 25,981 के स्तर पर था
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दरअसल, मार्च और उसके कुछ महीनों बाद तक किसी ने ये उम्मीद नहीं की होगी कि भारतीय शेयर बाजार इतनी तेजी आएगी और दिसंबर में सेंसेक्स-निफ्टी अपने उच्चतम स्तर का नया रिकॉर्ड बना देगा. क्योंकि भारी गिरावट के बाद 23 मार्च को सेंसेक्स 25,981 अंक पर बंद हुआ था, और इसी तरह निफ्टी 7,610.25 पर बंद हुआ था. जहां से अब तक करीब 80 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखी गई है. (Photo: File)

मार्च के बाद बाजार में एकतरफा रैली
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शेयर बाजार ने 23 मार्च के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा है. कुछ महीनों तक बाजार की तेजी को देखकर निवेशक इस बात से डरे हुए थे कि कहीं फिर से बाजार में भूचाल न आ जाए. क्योंकि शेयर बाजार की चाल इकोनॉमी की रफ्तार के मुकाबले विपरीत जाती दिख रही थी. कोरोना संकट की वजह से अर्थव्यवस्था पर चौतरफा मार पड़ी है. (Photo: File)

इकोनॉमी में गिरावट से संकट
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जून की तिमाही में जहां जीडीपी में 23.9 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई, वहीं सितंबर तिमाही में 7.5 फीसदी की गिरावट देखी गई. जबकि शेयर बाजार में रिकॉर्ड तेजी का सिलसिला जारी है. 16 दिसंबर को सेंसेक्स और निफ्टी एक नया रिकॉर्ड बना दिया. सेंसेक्स 46,666 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 13682 पर बंद हुआ. मार्च से अब एक निवेशक की नजरिये से देखें तो शेयर बाजार ने शानदार रिटर्न दिया है. (Photo: File)

सुधार की दिशा में सरकार ने लिए कई फैसले
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इस बीच इकोनॉमी में रिकवरी के तमाम कदम उठाए जा रहे हैं. कोरोना संकट के बीच तीन बड़े आर्थिक पैकेज के ऐलान हो चुके हैं. जिसका अब सकारात्मक संकेत भी मिल रहे हैं. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए रणनीति में जुटे हैं. वहीं तमाम रेटिंग एजेंसियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था में उम्मीद से तेज रिकवरी का अनुमान जताया है.  (Photo: File)

अब सेंसेक्स 50 हजार की बात
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ऐसे में अगर इकोनॉमी पटरी पर फिर से लौटती है तो शेयर बाजार की चाल और तेज हो सकती है. जानकारों का कहना है कि अब सेंसेक्स के 50 हजार के आंकड़े को छूने की बात हो रही है. भले इस आंकड़े तक पहुंचने में कुछ वक्त लग जाए, लेकिन टारगेट बहुत बड़ा नहीं है. (Photo: File)