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यूटिलिटी

टैक्सपेयर्स को राहत ही राहत, वित्त मंत्रालय ने किए ये ऐलान

 वित्त मंत्रालय ने ऐलान किए
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वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) ने टैक्सपेयर्स के लिए कई तरह की राहतें दी हैं. ये राहतें जीएसटी, विवाद से विश्वास और रेमिटेंस आदि से जुड़ी हैं. मंत्रालय ने रविवार को इनके बारे में ऐलान किए हैं. सरकार को ये राहतें इनकम टैक्स (Income Tax department) की नई वेबसाइट में आने वाली समस्याओं की वजह से देनी पड़ रही हैं. (फाइल फोटो) 

विवाद से विश्वास योजना की डेट आगे बढ़ी
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विवाद से विश्वास योजना की डेट आगे बढ़ी: सरकार ने प्रत्यक्ष कर समाधान योजना ‘विवाद से विश्वास’ (Direct Tax Vivad Se Vishwas Scheme) के तहत भुगतान की तिथि एक महीने बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी है. इस योजना के तहत विवादित कर, ब्याज, जुर्माने और शुल्क के मामलों का समाधान किया जाता है. किसी आकलन या पुन:आकलन आदेश में 100 प्रतिशत विवादित कर और 25 प्रतिशत विवादित जुर्माने या ब्याज या शुल्क के भुगतान के बाद मामले का समाधान हो जाता है. (फाइल फोटो) 

दिक्कतों को हुए देखते फैसला
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इसमें करदाता को ब्याज, जुर्माने की छूट के अलावा आयकर कानून के तहत किसी अभियोजन यानी कानूनी कार्रवाई से छूट भी मिलती है. वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा कि फॉर्म 3 जारी करने और संशोधित करने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए भुगतान की तिथि को 30 सितंबर, 2021 तक बढ़ाने का फैसला किया गया है. विवाद से विश्वास के तहत भुगतान के लिए फॉर्म 3 जरूरी है.  (फाइल फोटो) 

जीएसटी पर राहत
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जीएसटी पर मिली ये राहत : वित्त मंत्रालय ने जीएसटी माफ करने की योजना का लाभ उठाने की अंतिम तारीख तीन महीने के लिए बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी हैं. योजना के तहत करदाताओं को मासिक रिटर्न दाखिल करने में देरी के लिए कम शुल्क का भुगतान करना होगा. 

जीएसटी परिषद ने फैसला किया था
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद ने मई में लंबित रिटर्न के लिए करदाताओं को विलंब शुल्क में राहत प्रदान करने की खातिर एक माफी योजना लाने का फैसला किया था. जुलाई 2017 से अप्रैल 2021 के लिए जीएसटीआर-3बी दाखिल ना करने पर उन करदाताओं की खातिर विलंब शुल्क 500 रुपये प्रति रिटर्न तक सीमित कर दिया गया है, जिन पर कोई कर देयता नहीं है. वहीं कर देयता वाले लोगों के लिए, अधिकतम 1,000 रुपये प्रति रिटर्न विलंब शुल्क लिया जाएगा, बशर्ते ऐसे रिटर्न 31 अगस्त, 2021 तक दाखिल कर दिए गए हों.  (फाइल फोटो: PIB) 

रेमिटेंस पर छूट
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रेमिटेंस पर छूट: आयकर विभाग (Income Tax department) ने सामान्यीकरण शुल्क (इक्वलाइजेशन लेवी) और रेमिटेंस के लिए विवरण दाखिल करने सहित विभिन्न अनुपालनों के लिए रविवार को समयसीमा बढ़ा दी. वित्त वर्ष 2020-21 के लिए फॉर्म-1 में सामान्यीकरण शुल्क ब्योरा दाखिल करने की लास्ट डेट 30 जून की मूल नियत तारीख के मुकाबले 31 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है.  (फाइल फोटो) 

लास्ट डेट बढ़ी
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इसी तरह जून और सितंबर तिमाही के लिए किए गए रेमिटेंस के संबंध में अधिकृत डीलरों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले फॉर्म 15सीसी में त्रैमासिक विवरण अब क्रमशः 30 नवंबर और 31 दिसंबर तक दायर किया जा सकता है. इस विवरण को दाखिल करने की मूल नियत तारीख क्रमशः 15 जुलाई और 15 अक्टूबर थी.  (फाइल फोटो)