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फर्जी GST बिल के खिलाफ बड़ा एक्शन, 12 CA गिरफ्तार, 49 MD पर भी शिकंजा!

फर्जी GST बिल के खिलाफ बड़ा एक्शन
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जीएसटी का फर्जी बिल बनाने वालों के खिलाफ पूरे देश में अभियान चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में मध्य नवंबर 2020 से अब तक GST इंटेलिजेंस महानिदेशालय (DGGI) ने 357 लोगों को गिरफ्तार किया है. सबसे बड़ी बात यह है कि इस काले खेल को चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के सहयोग से अंजाम दिया जा रहा था. (Photo: File)

 फर्जी जीएसटी बिल बनाने का आरोप
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जीएसटी के फर्जी बिल बनाने या हेराफेरी करने के आरोप में जीएसटी के अधिकारियों ने 357 लोगों को पकड़ा है. गिरफ्तार 357 लोगों में 12 चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), एक वकील और एक कंपनी सेक्रेटरी (CS) शामिल हैं. खबरों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए 357 लोगों में से 141 मास्टरमाइंड, 122 प्रोपराइटर, 49 डायरेक्टर/मैनेजिंग डायरेक्टर, 20 पार्टनर, 5 सीईओ/सीएफओ/सीएमडी, 12 चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), 4 अकाउंटेंट, और एक-एक वकील, ब्रोकर शामिल हैं. (Photo: File)

फर्जी जीएसटी इनवॉयस के 3,500 मामले दर्ज
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जीएसटी अधिकारियों ने नवंबर से अबतक फर्जी जीएसटी इनवॉयस के 3,500 मामले दायर किए हैं और 10,400 जाली जीएसटीआईएल इकाइयों का पता लगाया है. जीएसटी अधिकारियों ने पिछले चार महीने से जाली इनवॉयस के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है. (Photo: File)

गिरफ्तार लोगों में करीब 1,125 करोड़ रुपये भी जब्त
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सूत्रों ने बताया कि अभी तक जिन 357 लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें से कम से कम चार के खिलाफ विदेशी विनिमय संरक्षण और तस्करी गतिविधियां रोधक अधिनियम (COFEPOSA) के तहत मामला दर्ज किया गया है. जीएसटी अधिकारियों ने इन लोगों से करीब 1,125 करोड़ रुपये भी जब्त किए हैं. (Photo: File)

नकली चालान का कारोबार
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GST अधिकारियों के शिकंजे में आए लोगों में फर्जी चालान ऑपरेटर्स और लाभार्थी शामिल हैं, ये सभी मिलकर नकली चालान का कारोबार करते हैं. राजस्व विभाग के सूत्रों के मुताबिक फर्जी कंपनियों के माध्यम से नकली जीएसटी चालान घोटाले मामले में मार्च के पहले हफ्ते में दो और सीए गिरफ्तार किए गए. (Photo: File)

छापेमारी से जीसीटी कलेक्शन में तेजी
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गौरतलब है कि फर्जी जीएसटी इनवॉयस के खिलाफ चल रहे राष्ट्रव्यापी अभियान का असर भी हो रहा है. पिछले चार महीनों में जीसीटी कलेक्शन तेजी से बढ़ा है. दिसंबर 2020 में 1.15 लाख करोड़, जनवरी 2021 में 1.20 लाख करोड़ और फरवरी में 1.13 लाख करोड़ रुपये का संग्रह हुआ है. (Photo: File)