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यूटिलिटी

मार्च में आ सकता है LIC का IPO, CCEA की बैठक में हरी झंडी!

LIC के आईपीओ पर बड़ा फैसला
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हर आईपीओ निवेशक को भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के आईपीओ का इंतजार है. ये इंतजार मार्च-2022 में खत्म हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक पिछले हफ्ते हुई CCEA की बैठक में LIC के IPO को हरी झंडी मिल गई है. रिपोर्ट की मानें तो LIC का IPO मार्च 2022 तक आ सकता है.  

CCEA में IPO को मंजूरी
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CNBC-TV18 को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले हफ्ते की CCEA में IPO को मंजूरी मिल गई है. सरकार मार्च-2022 में LIC का आईपीओ लॉन्च करने की तैयारी में है. मंत्रियों का पैनल LIC की प्राइसिंग तय करेगा. LIC में कितना हिस्सा बिकेगा ये भी पैनल ही तय करेगा. (Photo: File)

कॉरपोरेट इतिहास का सबसे बड़ा IPO
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रिपोर्ट के मुताबिक इस आईपीओ के वैल्यू और प्रोडक्ट रीस्ट्रक्चरिंग पर काम चल रहा है. LIC के आईपीओ को भारत के कॉरपोरेट इतिहास का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम (IPO) माना जा रहा है. 
 

एलआईसी के वैल्यूशन पर काम जारी
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गौरतलब है कि निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने इस साल जनवरी में बीमा कंपनी मिलीमैन एडवाइजर्स एलएलपी इंडिया को आईपीओ से पहले एलआईसी के वैल्यूशन करने के लिए नियुक्त किया था. 

बजट में हुआ था IPO का जिक्र
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बता दें, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2020-21 के बजट को पेश करते हुए एलआईसी का आईपीओ का ऐलान किया था. लेकिन कोरोना संकट की वजह से पिछले वित्त वर्ष में इस काम नहीं हो पाया. जिसके बाद वित्त वर्ष 2021-22 के लिए बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में LIC का आईपीओ लॉन्च किया जाएगा. 

मर्चेंट बैंकरों की नियुक्ति के लिए बोलियां आमंत्रित
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एक अधिकारी के हवाले से पिछले हफ्ते न्यूज एजेंसी पीटीआई बताया था कि LIC अगले कुछ हफ्ते में मर्चेंट बैंकरों की नियुक्ति के लिए बोलियां आमंत्रित करेगा. इसको लेकर संस्थागस्त निवेशकों के साथ बातचीत चल रही है. अधिकारी ने कहा कि हम नवंबर अंत तक नियामकीय मंजूरियां मिलने की उम्मीद है.

 10 फीसदी आईपीओ पॉलिसीधारकों के लिए आरक्षित
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LIC के आईपीओ में 10 फीसदी का हिस्सा पॉलिसीधारकों के लिए आरक्षित रहेगा. कोरोना काल में राजकोषीय घाटे को कम करने के लिए एलआईसी के आईपीओ को काफी अहम माना जा रहा है. चालू वित्त वर्ष में सरकार ने विनिवेश और निजीकरण का लक्ष्य 1.75 लाख करोड़ रुपये रखा है.