वैश्विक बाजार से मिले मजबूत संकेतों के चलते शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत तेज रही. इस कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स 114 अंक की बढ़ोतरी के साथ 34,411 के स्तर पर खुला. निफ्टी में भी 51 अंकों का उछाल देखने को मिला और यह 10,596 के स्तर पर खुला है.
हालांकि तकरीबन दोपहर के 1 बजे बाजार में गिरावट का दौर शुरू हो गया है. सरकारी बैंकों और रियल्टी के शेयरों की बिकवाली बढ़ने से बाजार कमजोर हुआ है. इसकी वजह से सेंसेक्स 113.22 अंक गिरकर 34,192.29 के स्तर पर कारेाबार कर रहा है.
वहीं, निफ्टी में भी गिरावट देखने को मिल रही है. फिलहाल यह 41.25 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 10,504.25 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. इस गिरावट की वजह से सुबह बढ़त के साथ कारोबार कर रहे एसबीआई और यसबैंक के शेयर भी नीचे आ गए हैं.
पीएनबी महाघोटाला सामने आने के बाद बैंक के शेयरों में लगातार गिरावट का दौर बना हुआ है. शुक्रवार को भी शुरुआती कारोबार में पंजाब नेशनल बैंक के शेयरों में 3 फीसदी गिरावट देखने को मिल रही है. अब यह गिरावट बढ़कर 4.64 फीसदी हो गई है.
इस कारोबारी हफ्ते के चौथे दिन सेंसेक्स 142 अंक की बढ़ोतरी के साथ 34,297 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 45 अंक चढ़कर 10,454 के स्तर पर बंद हुआ.
गुरुवार को दिन के कारोबार के दौरान बैंकिंग और मीडिया शेयरों में बिकवाली बढ़ने से बाजार में कुछ समय के लिए गिरावट का दौर चला, लेकिन कारोबार के आखिरी घंटों में बाजार संभल गया.
पंजाब नेशनल बैंक में 11 हजार करोड़ रुपये की महा धोखाधड़ी के बाद लगातार दूसरे दिन बैंक के शेयरों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा. जहां पहले दिन बुधवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर पीएनबी के शेयरों में 10 फीसदी तक गिरावट दर्ज हुई. वहीं, गुरुवार दिन के कारोबार की शुरुआत से ही बैंक के शेयरों में 7 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली.
लेकिन दिन का कारोबार खत्म होते होते पीएनबी के शेयर लगभग 9 फीसदी लुढ़क गए. लिहाजा, धोखाधड़ी के असर से दो दिनों में बैंक के शेयरों की कीमत लगभग 19 फीसदी लुढ़क गई और शेयरधारकों को 6,840 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा.
पीएनबी के अलावा नुकसान उठाने वाले शेयरों में इलाहाबाद बैंक , बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई बैंक, सिंडिकेट बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक और बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं जिन्हें 1 से 5 फीसदी तक की गिरावट देखनी पड़ी.