देश का बजट पेश होने के बाद हफ्ते के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार लाल निशान में खुला है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 35 अंक की गिरावट के साथ पर खुला 39,701.02 पर खुला. इसके बाद से बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहा और कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 137 अंक मजबूत होकर 39,872.31 पर बंद हुआ.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी सुबह 35 अंकों की गिरावट के साथ 11,627.45 पर खुला था. अंत में निफ्टी 62 अंक मजबूत होकर 11,724.05 पर बंद हुआ.
किन शेयरों में आई तेजी
कारोबार के दौरान एनएसई के करीब 951 शेयरों में तेजी और 1484 में गिरावट देखी गई. बढ़ने वाले प्रमुख शेयरों में भारती इन्फ्राटेल, आईटीसी, यस बैंक, टीसीएस और गेल शामिल रहे, जबकि गिरने वाले शेयरों में एशियन पेंट्स, एचयूएल, नेस्ले, बजाज ऑटो और ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज प्रमुख रहे. पीएसयू बैंक और आईटी को छोड़कर सभी सेक्टर में लाल निशान में देखे गए. बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 1 फीसदी की तेजी आई है.
सुबह रुपया 32 पैसे की गिरावट के साथ डॉलर के मुकाबले 71.65 पर खुला. इसके बाद शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव आने लगा.
सुबह 9.21 बजे तक सेंसेक्स करीब 139 अंक बढ़कर 39,840 तक पहुंच गया था. इसके बाद फिर सुबह 9.33 बजे सेंसेक्स करीब 150 अंक गिरकर 39,586 पर पहुंच गया. सुबह 10.15 बजे तक सेंसेक्स फिर करीब 195 अंक बढ़कर बढ़कर 39930 तक पहुंच गया.
शनिवार को सेंसेक्स 39,735.53 पर बंद और निफ्टी 11,661.85 पर बंद हुआ था. सुबह 10.17 बजे निफ्टी करीब 63 अंक बढ़कर 11,724.95 पर कारोबार कर रहा था.
कारोबार की शुरुआत में 354 शेयरों में तेजी और 352 शेयरों में गिरावट देखी गई. आईटी, मेटल और फार्मा के अलावा बाकी सभी सेक्टर लाल निशान में दिख रहे हैं. बढ़ने वाले प्रमुख शेयरों में आईओसी, कोल इंडिया, एशियन पेंट्स,एचयूएल, बीपीसीएल, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस प्रमुख रहे, जबकि गिरने वाले प्रमुख शेयरों में आईटीसी, एचडीएफसी, पावर ग्रिड और आरआईएल शामिल रहे.
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कारोबार के अंत में सेंसेक्स के शेयरों की स्थिति

10 साल की सबसे बड़ी गिरावट
गौरतलब है कि शनिवार को पेश बजट शेयर कारोबारियों को रास नहीं आया और बिकवाली बढ़ गई. बजट की वजह से इस बार शनिवार को भी शेयर बाजार खुला हुआ था. कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1000 अंक से अधिक लुढ़क गया. इसके साथ ही यह 40 हजार अंक के स्तर के नीचे आ गया.
निफ्टी ने भी 350 अंक से अधिक की गिरावट देखी और यह 11 हजार 650 अंक के स्तर पर आ गया. बीते 10 साल में शेयर बाजार ने बजट के दिन इतनी बड़ी गिरावट नहीं देखी है. सेंसेक्स तीन महीने के निचले स्तर पर है तो वहीं निफ्टी में अक्टूबर 2018 के बाद इतनी बड़ी गिरावट आई है.
बीएसई के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स शनिवार को पिछले सप्ताह के मुकाबले 1,877.66 अंकों यानी 4.51 फीसदी की गिरावट के साथ 39,735.53 पर बंद हुआ. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी पिछले सप्ताह के मुकाबले 586.40 अंकों यानी 4.78 फीसदी की गिरावट के साथ 11,661.85 पर बंद हुआ.
ब्रेक्जिट और कोरोना वायरस का असर
पिछले हफ्ते शेयर बाजार में सुस्ती की बड़ी वजह ब्रेक्जिट और कोरोना वायरस है. दरअसल, ब्रिटेन 47 साल तक यूरोपीय संघ का सदस्य रहने के बाद अलग हो गया है. यूरोपीय संघ से ब्रिटेन बाहर निकलने वाला पहला देश है. ब्रिटेन की जनता ने जून 2016 में इसके समर्थन में मतदान किया था. वहीं चीन समेत दुनिया के कई बड़े देशों में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता जा रहा है. इस वायरस की वजह से अब तक दुनियाभर में 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
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इस हफ्ते किन बातों पर रखें नजर
इस हफ्ते कारोबारी सप्ताह में बजट की बारीकियों को समझने के बाद बाजार का रुख तय होगा. इसके अलावा आरबीआई की मौद्रिक समीक्षा बैठक, प्रमुख कंपनियों के वित्तीय नतीजे और विदेशी संकेतों से बाजार की चाल तय होगी. घरेलू शेयर बाजार की नजर इस सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक समीक्षा बैठक के नतीजों पर भी रहेगी. आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक 4-6 फरवरी को हो रही है. आर्थिक विशेषज्ञों का अनुमान है कि हालिया महंगाई दर के आंकड़ों को देखते हुए आरबीआई प्रमुख ब्याज दरों को यथावत रखने का फैसला कर सकता है.