पंजाब नेशनल बैंक में हुए 13 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के घोटाले में नाम सामने आने के बाद इलाहाबाद बैंक की एमडी और सीईओ ऊषा अनंत सुब्रमण्यन पर गाज गिरी है. मंगलवार को ने उनसे सभी अधिकार वापस ले लिए हैं. बैंक की तरफ से यह कार्रवाई वित्त मंत्रालय के उस आदेश के बाद की गई है, जिसमें इनके सभी अधिकार खत्म करने का निर्देश दिया गया था.
इससे पहले ने बोर्ड मीटिंग बुलाई थी. इसमें सुब्रमण्यन का नाम नीरव मोदी स्कैम में सामने आने के बाद उनके अधिकारों को लेकर बात की गई. सुब्रमण्यन पर आरोप है कि उन्होंने 2016 में भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से SWIFT को लेकर जारी सर्कुलर का पालन नहीं किया.
इलाहाबाद बैंक की एमडी और सीईओ का नाम पंजाब नेशनल बैंक में हुए फ्रॉड में सामने आया है. बता दें कि सुब्रमण्यन 2015 से 2017 के बीच पीएनबी की चीफ रही हैं. वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी आदेश में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के दो वरिष्ठ अधिकारियों के भी सभी अधिकार वापस लेने का आदेश दिया था.
सीबीआई द्वारा में जो चार्जशीट फाइल की गई है. उसमें कई बड़े अधिकारियों के नाम हैं. चार्जशाट में पीएनबी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर केवी ब्रह्माजी राव और संजीव शरण व जनरल मैनेजर नेहल अहाद का नाम भी शामिल है. उसमें पीएनबी की पूर्व चीफ अनंत सुब्रमण्यन की स्कैम में भूमिका भी विस्तार से बताई गई है.