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ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में छलांग, भारत को मिलेगा ये लाभ

अमेरिका-इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूएसआईबीसी) की नई अध्यक्ष निशा देसाई बिस्वाल ने विश्व बैंक की कारोबार सुगमता रैंकिंग में भारत की स्थिति बेहतर होने को अहम करार दिया.

वित्तमंत्री अरुण जेटली वित्तमंत्री अरुण जेटली

नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद भारत की अर्थव्यवस्था की रफ्तार को लेकर चिंताजनक रुझानों के बीच विश्व बैंक की रिपोर्ट अच्छी खबर लेकर आई है. विश्व बैंक के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स में भारत 30 पायदान की लंबी छलांग के साथ 100वें स्थान पर पहुंच गया है. यह पहली बार है, जब भारत ने इतनी लंबी छलागं लगाई है. अगर विशेषज्ञों की माने तो कारोबार करने के मामले में भारत की रैंकिंग में सुधार से कई क्षेत्र को लाभ होगा.

अमेरिका-इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूएसआईबीसी) की नई अध्यक्ष निशा देसाई बिस्वाल ने विश्व बैंक की कारोबार सुगमता रैंकिंग में भारत की स्थिति बेहतर होने को अहम करार दिया. उन्होंने कहा कि इससे भारत को और अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित करने में मदद मिलेगी.

पीटीआई ने निशा बिस्वाल के हवाले से बताया कि यह एक महत्वपूर्ण कदम है और भारत के सही दिशा में बढ़ने के लिए काफी अहम बैरोमीटर है. यह ऐसा माध्यम बनने जा रहा है, जो अधिक विदेशी निवेश आकर्षित करेंगे.’’ विश्व बैंक ने अपनी वार्षिक कारोबार सुगमता रिपोर्ट में 190 देशों के बीच भारत को 100वें पायदान पर जगह दी है. पिछले साल भारत इस इंडेक्स में 130वें स्थान पर था.

बिस्वाल ने कहा कि FDI पानी की तरह है. वह उस रास्ते पर बढ़ता है, जहां कम से कम प्रतिरोध हो. लिहाजा जितना आप प्रतिरोधों को कम करेंगे, उतना ही एफडीआई तेज होगा. बिस्वाल अमेरिका के पिछले ओबामा प्रशासन में दक्षिण और मध्य एशिया क्षेत्र की सहायक विदेश मंत्री रह चुकीं हैं.

वहीं, वित्तमंत्री जेटली ने कहा कि सीमा पार व्यापार आदि क्षेत्रों में सुधार किया जा रहा है. इसके लिए ऑनलाइन व्यवस्था की जा रही है. कई क्षेत्रों तेजी से काम किया जा रहा है. आने वाले दिनों में इसके सकारात्मक परिमाण देखने को मिलेंगे. उन्होंने कहा कि हम ईज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स में 50वें स्थान पर पहुंचने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं.

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