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रक्षा कंपनी HAL पर आर्थिक संकट, राहुल बोले- चौकीदार बस अपनी दोस्ती निभा रहा

Hindustan Aeronautics Limited (HAL) को अपने कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है. HAL के चीफ आर माधवन ने खुद बताया कि कंपनी ने अपने कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए कर्ज लिया है. वहीं, इसको लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है.

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Hindustan Aeronautics Limited (Photo- Reuters)
Hindustan Aeronautics Limited (Photo- Reuters)

भारत के रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र की दिग्गज सरकारी कंपनी Hindustan Aeronautics Limited (HAL) इन दिनों आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है. आलम यह है कि उसके पास अपने कर्मचारियों को सैलरी देने तक के लिए पैसे नहीं हैं. कंपनी को कर्ज लेकर अपने कर्मचारियों को सैलरी देनी पड़ रही है. इस घटना के  बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर करारा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने राफेल डील को HAL से छीनकर पहले ही  अपने दोस्त अनिल अंबानी की कंपनी को दे दिया. अब उस कंपनी को काम करने के लिए लोगों की जरूरत है, जो HAL से ही मिल सकते हैं. ये कर्मचारी सैलरी नहीं मिलने पर अनिल अंबानी की कंपनी को खुद ही मिल जाएंगे.

कांग्रेस अध्यक्ष ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, 'HAL के पास वेतन तक देने के पैसे नहीं हैं. इससे किसी को भी आश्चर्य नहीं होना चाहिए. राफेल तो दे ही दिया था, अब काम पूरा करने के लिए सूट-बूट वाले दोस्त को लोगों की ज़रूरत है, जो HAL के पास है. बिना HAL को कमज़ोर किए ये वाला काम तो हो नहीं सकता? चौकीदार बस अपनी दोस्ती निभा रहा है. देश के भले-बुरे से उसे क्या मतलब?'

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इससे पहले भी कई बार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी केंद्र की मोदी सरकार पर HAL को दरकिनार कर अनिल अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज को फेवर करने का आरोप लगा चुके हैं. वहीं, HAL के चीफ आर माधवन ने खुद बताया कि कंपनी ने अपने कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए कर्ज लिया है. वर्तमान हालात को देखते हुए एक बात साफ है कि अगर समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में HAL को अपने कर्मचारियों को सैलरी देने में खासी दिक्कत आएगी. बताया यह भी जा रहा है कि HAL के पास अब काम की भी कमी हो गई है.

यदि HAL के साल 2003-04 से 2017-18 के बीच के डेटा देखे जाएं, तो इसकी स्थिति कभी इतनी खराब नहीं रही. HAL का कैश बैलेंस कभी इतने कम स्तर पर नहीं पहुंचा. साल 2003-04 में HAL का न्यूनतम कैश बैलेंस 4 हजार 841 करोड़ रुपये था. HAL को साल 2015-16 में 4 हजार 284 करोड़ रुपये और दिसंबर 2017 में 9 सौ 21 करोड़ रुपये के शेयर वापस लेने पड़े थे. माना जा रहा है कि इसके चलते कंपनी के कोष में इतनी ज्यादा कमी आई है.

आपको बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पिछले कुछ समय से मोदी सरकार पर HAL की उपेक्षा का आरोप लगा रहे हैं. उनका आरोप है कि मोदी सरकार ने फ्रांस से राफेल खरीदने का सौदा छीन कर अनिल अंबानी की कंपनी को दे दिया. राहुल गांधी का आरोप यह भी है कि मोदी सरकार ने राफेल डील के जरिए मोदी सरकार ने अपने दोस्त अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाया है. हालांकि मोदी सरकार राहुल के इन आरोपों को सिरे से खारिज करती आ रही है.

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