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अब होटल में रूम लेना होगा सस्ता, सरकार ने घटाई GST दर

जीएसटी काउंसिल (GST Council) की बैठक में होटल किराये में जीएसटी दरों को घटा दिया गया है. अब 7500 रुपये से कम के होटल किराये पर 12 फीसदी जीएसटी लगेगा, जबकि 7500 रुपये से ज्यादा के होटल किराये पर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

  • अब 7500 रुपये से कम के होटल किराये पर लगेगा 12 फीसदी जीएसटी
  • एरिएटेड (गैस वाले) पेय पदार्थो पर टैक्स 18 से बढ़ाकर 28 फीसदी किया

जीएसटी काउंसिल (GST Council) की बैठक में होटल किराये में जीएसटी दरों को घटा दिया गया है. इससे अब लोगों को कम दाम पर होटल रूम मिल सकेंगे. अब एक हजार रुपये से 7500 रुपये तक के होटल किराये पर 12 फीसदी जीएसटी लगेगा. इसके अलावा 7500 रुपये से ज्यादा के होटल किराये पर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा. इसके साथ ही  एक हजार रुपये से कम किराए वाले कमरों को जीएसटी नहीं देना होगा.

अभी तक 7500 रुपये से कम के होटल किराये पर 18 फीसदी जीएसटी देना पड़ता था, जबकि 7500 रुपये से ज्यादा के होटल किराये पर 28 फीसदी जीएसटी लगता था. इस तरह 7500 रुपये से कम के होटल किराये पर लगने वाले जीएसटी की दर में 6 फीसदी और  7500 रुपये से अधिक के होटल किराये पर जीएसटी की दर में 10 फीसदी की कटौती की गई है.

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शुक्रवार को गोवा में आयोजित जीएसटी काउंसिल की 37वीं बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. जीएसटी बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अब एरिएटेड (गैस वाले) पेय पदार्थो पर 18 फीसदी की जगह पर 28 फीसदी टैक्स लगेगा. साथ ही इस पर 12 फीसदी का कंपनसेटरी सेस भी लगाने का फैसला लिया गया है. उन्होंने कहा कि कुछ रक्षा उत्पादों को जीएसटी/आईजीएसटी से छूट दी जाएगी.

इस बैठक के एजेंडे में ऑटोमोबाइल, बिस्किट, माचिस, आउटडोर कैटरिंग सेगमेंट के GST रेट में बदलाव की बात रखी गई थी. इस बैठक से पहले केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कंपनी और कारोबारियों को राहत देते हुए कॉरपोरेट टैक्‍स घटाने का ऐलान किया.

सीतारमण ने बताया कि टैक्‍स घटाने का अध्‍यादेश पास हो चुका है. उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए आईटी एक्‍ट में नए प्रावधान को जोड़ा गया है. इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि नई घरेलू कंपनी जिसका गठन 1 अक्टूबर 2019 या उसके बाद हुआ है और जो नए सिरे से निवेश कर रही है, वो 15 फीसदी के दर से इनकम टैक्ट का भुगतान करे.

उन्होंने कहा कि अगर कंपनी 31 मार्च 2023 से पहले उत्पादन शुरू कर देती हैं, तो 15 फीसदी टैक्स देना होगा. सभी तरह के सरचार्ज और सेस पर 17.10 फीसदी प्रभावी दर होगी. उन्होंने कहा कि घरेलू कंपनियों पर बिना किसी छूट के इनकम टैक्स 22 फीसदी होगा, जबकि सरचार्ज और सेस जोड़कर प्रभावी दर 25.17 फीसदी लगेगा. इस ऐलान के बाद 1.45 लाख करोड़ का राजस्‍व घाटा होगा.

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