भारत में अपना घर होना सिर्फ एक निवेश नहीं, बल्कि जीवन भर की पूंजी और सबसे बड़ा सपना होता है. लोग अपनी बरसों की मेहनत की कमाई इस उम्मीद में लगाते हैं कि उनका अपना एक आशियाना होगा, लेकिन, पहली बार घर खरीदने वालों के लिए सबसे बड़ी दुविधा यह होती है कि वे 'अंडर-कंस्ट्रक्शन' प्रॉपर्टी चुनें या 'रेडी-टू-मूव'.
आजतक रेडियो के खास शो 'प्रॉपर्टी से फायदा' में रियल एस्टेट कंसल्टेंट कमल चंदेल ने पहली बार घर खरीदने वालों के लिए कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण और व्यावहारिक सुझाव साझा किए हैं. कमल कहते हैं, "अगर आप पहली बार घर खरीद रहे हैं, तो बेहतर होगा कि 'रेडी-टू-मूव' घर ही खरीदें, क्योंकि अगर आप गलती से ऐसी अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी में फंस गए जो आपको सालों तक न मिले, तो आपका पहला अनुभव ही बेहद खराब हो जाएगा."
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अंडर-कंस्ट्रक्शन घर में मिल सकता है धोखा
अंडर-कंस्ट्रक्शन घर के मामले में आपको उस प्रोजेक्ट की गहराई से रिसर्च करना जरूरी होता है जैसे बिल्डर कैसा है, उसने पहले डिलीवरी समय पर दी है या नहीं, और क्या वह बुकिंग के वक्त किए गए वादों को पूरा कर पाया है? कई बार पूरी रिसर्च के बाद भी लोग धोखा खा जाते हैं. देशभर में सैकड़ों ऐसे प्रोजेक्ट्स हैं जिनमें लोगों ने लाखों रुपये लगा रखे हैं, लेकिन उनके घर का पजेशन मिलने का कोई ठिकाना नहीं है. इसलिए पहली बार घर खरीदने वालों को रिस्क लेने की जगह थोड़ा ज्यादा पैसा लगाकर 'रेडी-टू-मूव' फ्लैट लेना चाहिए, जिससे उनकी मेहनत की कमाई न डूबे.
वहीं, जब आप दोबारा प्रॉपर्टी खरीदने जाएं, तब अंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट ले सकते हैं, क्योंकि पहली बार घर खरीदने के बाद आपको मार्केट की अच्छी जानकारी हो जाती है और धोखा खाने की गुंजाइश कम रहती है. कमल चंदेल कहते हैं, "आजकल लोग किसी भी नए प्रोजेक्ट में पैसा लगा देते हैं कि बाद में अच्छे रिटर्न पर बेच देंगे, लेकिन अक्सर ऐसा होता नहीं है. आप तभी पैसा लगाएं जब आपके पास अतिरिक्त पैसा हो."
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प्रॉपर्टी खरीदने में रिसर्च सबसे ज्यादा जरूरी
किसी को देखकर पैसे लगाना सबसे बड़ी गलती होती है. खासतौर पर उत्तर भारत में लोग अक्सर ऐसे प्रोजेक्ट्स में फंस जाते हैं. कई बार अपने कम बजट की वजह से लोग सस्ती प्रॉपर्टी में पैसा लगा देते हैं, लेकिन 'सस्ती' प्रॉपर्टी का मतलब ही यह है कि उसमें कोई न कोई दिक्कत है. विशेष रूप से नोएडा में ऐसे मामले सबसे ज्यादा देखने को मिलते हैं, जहां लोगों ने 15-20 साल पहले प्रॉपर्टी बुक की थी, लेकिन आज भी उन्हें कुछ नहीं मिला है.
क्या प्रॉपर्टी हमेशा फायदे का सौदा है?
प्रॉपर्टी हमेशा फायदा ही देगी, लोगों की यह सोच सबसे बड़ी भूल होती है. यह पूरी तरह मार्केट की स्थिति पर निर्भर करता है. खासतौर पर 'प्री-लॉन्च' प्रोजेक्ट्स में आपके पास पहले से सारी जानकारी नहीं होती, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है.