रियल एस्टेट की दुनिया में एक बड़ी पुरानी कहावत है- लोकेशन, लोकेशन और लोकेशन. लेकिन न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड पर एक ऐसा बंगला है, जिसके लिए लोकेशन से ज्यादा उसका पास्ट यानी बीता हुआ कल मायने रखता है. हम बात कर रहे हैं 112 ओशन एवेन्यू की. एक ऐसी प्रॉपर्टी जिसे दुनिया का सबसे कुख्यात 'भूतिया' घर कहा गया, लेकिन इसके बावजूद इसकी कीमत कभी मिट्टी में नहीं मिली. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ये हवेली रियल एस्टेट मार्केट की सबसे चर्चित डील बन गई और इसे बेचने के लिए मालिकों को इसकी 'प्लास्टिक सर्जरी' तक करानी पड़ी.
इस घर की वैल्यू समझने के लिए आपको 13 नवंबर, 1974 की उस काली रात के बारे में जानना होता इसी आलीशान बंगले में डेफियो परिवार रहता था. रात के करीब 3 बजे, घर के सबसे बड़े बेटे रोनाल्ड डेफियो जूनियर ने अपनी राइफल उठाई और एक-एक करके अपने ही परिवार के 6 सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया. उसने अपने माता-पिता और चार छोटे भाई-बहनों को सोते समय ही भून डाला.
जब पुलिस पहुंची, तो उनके भी होश उड़ गए. परिवार के सभी 6 सदस्य अपने बिस्तरों पर औंधे मुंह लेटे मिले. ताज्जुब की बात ये थी कि राइफल की इतनी तेज आवाज के बावजूद न कोई पड़ोसी जागा और न ही घर का कोई सदस्य अपनी जगह से हिल पाया. रोनाल्ड ने बाद में दावा किया कि घर की दीवारों से आने वाली अदृश्य आवाजों ने उसे कत्ल के लिए उकसाया था. यही वो खूनी इतिहास है जिसने इस घर को हमेशा के लिए शापित बना दिया.
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जब घर का खौफनाक अतीत ही बन गई उसकी असली ताकत
आमतौर पर किसी घर में अगर मर्डर हो जाए, तो उसकी मार्केट वैल्यू धड़ाम से गिर जाती है. लोग वहां जाने के नाम से ही तौबा कर लेते हैं. लेकिन एमिटीविल के मामले में कहानी बिल्कुल उल्टी निकली. 1974 के उस खौफनाक कांड और उसके बाद यहां रहने आए लुत्ज परिवार के भूतिया दावों ने इस घर को एक सेलेब्रिटी बना दिया. हॉलीवुड की फिल्मों और किताबों ने इसे इतनी पब्लिसिटी दी कि यह घर मिस्ट्री लवर्स और बड़े निवेशकों के लिए एक बेशकीमती शिकार बन गया. कहा जाता है कि इस घर की बदनामी ही इसकी सबसे बड़ी ताकत बन गई, जिसने इसकी कीमत को कभी गिरने नहीं दिया.
पहचान छिपाने के लिए करोड़ों का मेकओवर
लेकिन इस प्रॉपर्टी के साथ एक बड़ी सिरदर्दी भी थी, वो थे तमाशबीन पर्यटक. हर साल हजारों लोग कैमरे ताने इस घर के सामने खड़े हो जाते, कोई फोटो खींचने आता तो कोई 'भूत' की तलाश में पहुंच जाता. इस चक्कर में यहां रहने वाले मालिकों की प्राइवेसी का तो एकदम कचरा हो जाता था. अब इस सिरदर्दी से बचने और प्रॉपर्टी की वैल्यू को बचाने के लिए मालिकों ने एक जबरदस्त मास्टर स्ट्रोक खेला. उन्होंने घर की पूरी शक्ल ही बदल डाली. वो मशहूर शैतान की आंख जैसी दिखने वाली डरावनी खिड़कियां उखाड़ दी गईं, घर का रंग-रूप बदला गया और तो और, इसकी पहचान मिटाने के लिए एड्रेस भी 112 से बदलकर 108 ओशन एवेन्यू कर दिया गया. यह एक तरह की 'प्रॉपर्टी री-ब्रांडिंग' थी, ताकि इसे किसी भूतिया बंगले के बजाय एक सामान्य लग्जरी हवेली के तौर पर मार्केट में पेश किया जा सके.
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हैरानी की बात ये है कि इतना सब होने के बाद भी यह घर कभी खाली नहीं रहा. खरीदारों के लिए यह एक ऐसी डील रही जहां उन्हें आलीशान सुख-सुविधाओं के साथ-साथ दुनिया की सबसे बड़ी मिस्ट्री का हिस्सा बनने का मौका मिला.