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सस्ता तेल, महंगे चार्जेस... दिल्ली से भी महंगी क्यों नोएडा एयरपोर्ट से उड़ानें

जैसे ही फ्लाइट्स के शुरुआती आंकड़े और 'एयरपोर्ट चार्जेस' सामने आए, यात्रियों का किफायती सफर का सपना टूटता नजर आ रहा है. हकीकत यह है कि भारी टैक्स छूट के बावजूद जेवर से किराया दिल्ली के समान या उससे भी अधिक है, जिसे लेकर अब खुद एयरलाइंस ने भी सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं.

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जून में शुरू होगी नोएडा से उड़ानें (Photo-ITG)
जून में शुरू होगी नोएडा से उड़ानें (Photo-ITG)

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शिलान्यास के साथ ही पश्चिम उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के लोगों के बीच यह उम्मीद जगी थी कि अब न केवल सफर आसान होगा, बल्कि जेब पर बोझ भी कम होगा. जेवर से सस्ती उड़ानों की चर्चाएं थीं, जिसका मुख्य आधार उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विमानन ईंधन (ATF) पर लगाया गया मात्र 1% वैट (VAT) था, जबकि दिल्ली में यह 25% है. लेकिन जैसे ही फ्लाइट संचालन और किराए के शुरुआती आंकड़े सामने आने लगे, यात्रियों के हाथ केवल निराशा ही लगी.

हकीकत यह है कि उत्तर प्रदेश में ईंधन पर भारी टैक्स छूट मिलने के बावजूद नोएडा एयरपोर्ट से उड़ानों का किराया दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) के मुकाबले सस्ता नहीं, बल्कि उसके बराबर या कुछ मामलों में उससे भी ज्यादा नजर आ रहा है.

इसकी मुख्य वजह नए एयरपोर्ट पर लगने वाले 'एयरपोर्ट चार्ज' (Airport Charges) हैं. एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि नए एयरपोर्ट के निर्माण और अत्याधुनिक सुविधाओं की लागत निकालने के लिए जो चार्ज वसूले जा रहे हैं, वे ईंधन पर मिलने वाली टैक्स राहत को पूरी तरह खत्म कर दे रहे हैं. नतीजतन, यात्रियों को वह 'किफायती सफर' फिलहाल मिलता नहीं दिख रहा जिसका वादा शुरुआती खबरों में किया गया था.

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अब जेवर से उड़ान भरने वाले लोगों को सस्ते टिकट के बजाय केवल जाम से मुक्ति और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से ही संतोष करना पड़ सकता है. 

क्यों है महंगा किराया

नए हवाई अड्डे से उड़ानों की घोषणा करने वाली पहली एयरलाइन इंडिगो (IndiGo), 24 जून के लिए कई रूटों पर नोएडा और दिल्ली दोनों जगहों से लगभग एक समान कीमतों पर नॉन-स्टॉप टिकट बेच रही है. उदाहरण के लिए, दोनों हवाई अड्डों से बेंगलुरु की उड़ान का किराया ₹8,910 लिस्ट किया गया है, जबकि हैदराबाद, जम्मू और अमृतसर के किराए भी दोनों हब के बीच लगभग एक जैसे ही हैं.

'द टाइम्स ऑफ इंडिया' की एक रिपोर्ट के अनुसार, इंडिगो ने अब आधिकारिक तौर पर 'एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी' (AERA) के सामने इस टैरिफ ढांचे का विरोध किया है. एयरलाइन का तर्क है कि नोएडा एयरपोर्ट का उपयोग करने वाले यात्रियों को अंततः दिल्ली से उड़ान भरने वालों की तुलना में अधिक भुगतान करना पड़ सकता है.

एयरलाइन ने रेगुलेटर से कहा कि यह 'प्राइसिंग मॉडल' यात्रियों को नोएडा एयरपोर्ट की ओर शिफ्ट होने से रोक सकता है और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के लिए एक वैकल्पिक एविएशन हब के रूप में इसकी भूमिका को कमजोर कर सकता है. 

यूजर डेवलपमेंट फीस ज्यादा

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नोएडा एयरपोर्ट से जाने वाले घरेलू यात्री के लिए प्रस्तावित यूजर डेवलपमेंट फीस ₹653 है, जबकि दिल्ली एयरपोर्ट पर यही फीस मात्र ₹129 है. इसी तरह, नोएडा एयरपोर्ट पर आने वाले घरेलू यात्रियों को ₹282 चुकाने होंगे, जबकि दिल्ली में यह राशि केवल ₹56 है. अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए भी यह अंतर काफी ज्यादा है. नोएडा एयरपोर्ट ने अंतर्राष्ट्रीय प्रस्थान के लिए ₹1,200 और आगमन के लिए ₹520 शुल्क प्रस्तावित किया है, जबकि दिल्ली एयरपोर्ट पर यह क्रमशः ₹650 और ₹275 है.

विमानन कंपनियों को भी यहां भारी खर्च का सामना करना पड़ रहा है. एयरबस A321 जैसे बड़े विमानों के लिए नोएडा एयरपोर्ट पर घरेलू परिचालन के लिए लैंडिंग चार्ज ₹760 प्रति मीट्रिक टन प्रस्तावित है, जो दिल्ली एयरपोर्ट के ₹347 के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है.

इंडिगो के एक अनुमान के मुताबिक, एयरबस A321 जैसे बड़े विमान के जरिए नोएडा एयरपोर्ट से एक घरेलू राउंड ट्रिप संचालित करना दिल्ली के मुकाबले लगभग ₹1.88 लाख महंगा पड़ सकता है. एयरलाइन ने चेतावनी दी है कि यदि वह नोएडा एयरपोर्ट से रोजाना लगभग 15 राउंड-ट्रिप उड़ानें संचालित करती है, तो सालाना अतिरिक्त खर्च करीब ₹103 करोड़ तक पहुंच सकता है.
रिपोर्ट के अनुसार, इंडिगो ने अपने सुझाव में कहा, "इतनी ऊंची लागत के कारण मांग में कमी आएगी, जिससे नोएडा एयरपोर्ट व्यावसायिक रूप से बड़े पैमाने पर संचालन के लिए आकर्षक नहीं रह जाएगा.

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निजी कंपनियों के रवैये से नाराजगी

जेवर से भाजपा विधायक धीरेंद्र सिंह ने भी नोएडा एयरपोर्ट से लखनऊ की उड़ानों के लिए अधिक किराए पर असंतोष जताया है. समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब एयरपोर्ट पर बुकिंग शुरू हुई, तो लखनऊ के टिकट की कीमत ₹5,000 से ऊपर थी, जबकि दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से यही उड़ानें ₹3,000 से ₹4,300 के बीच उपलब्ध थीं.

उन्होंने आगे कहा, "यहां विमानन ईंधन (VAT) पर टैक्स केवल 1% है, जबकि दिल्ली एयरपोर्ट पर यह 25% है. लोगों को इस अंतर का लाभ मिलना चाहिए था. मैं निजी कंपनियों की इस मनमानी से खुश नहीं हूं. मैंने प्रधानमंत्री, विमानन मंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से इस मामले पर विचार करने का अनुरोध किया है.'

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