घर खरीदना आम आदमी की जिंदगी का सबसे बड़ा फैसला होता है. लोग सालों की बचत, बैंक लोन और भविष्य की उम्मीदों के साथ प्रॉपर्टी में निवेश करते हैं. लेकिन अगर यह सौदा किसी गलत या अनाधिकृत ब्रोकर के जरिए हो जाए, तो यही सपना लंबे कानूनी झगड़ों और आर्थिक नुकसान में बदल सकता है.
इसी खतरे को देखते हुए Haryana Real Estate Regulatory Authority (HRERA) ने गुरुग्राम के होम बायर्स के लिए सख्त चेतावनी जारी की है. HRERA ने साफ़ कहा है कि गुरुग्राम में घर खरीदने या बेचने के लिए केवल RERA-रजिस्टर्ड रियल एस्टेट एजेंट से ही लेन-देन करें. वहीं खुद को ब्रोकर, कंसल्टेंट या मिडिलमैन कहने वाले ऐसे प्रॉपर्टी डीलर्स जो HRERA में रजिस्टर्ड नहीं हैं उनके जरिए की गई डील खरीदारों को बड़े नुकसान में डाल सकती है.
कैसे होम बायर्स को फंसाते हैं गैर-रजिस्टर्ड ब्रोकर?
रेग्युलेटर के मुताबिक, बिना रजिस्ट्रेशन काम करने वाले एजेंट अक्सर प्रोजेक्ट की स्थिति को लेकर गलत दावे करते हैं. वो ऐसे वादे करते हैं जिनका कानूनी आधार नहीं होता. ये लोग जल्द पजेशन या सस्ते रेट का लालच भी देते हैं और विवाद होने पर खरीदार को अकेला छोड़ देते हैं. इसका नतीजा यह होता है कि खरीदार के पास न मजबूत एग्रीमेंट होता है और न ही कानूनी राहत का आसान रास्ता बचता है.
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कानून क्या कहता है? (RERA Act, 2016)
Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 के तहत कोई भी गैर-रजिस्टर्ड व्यक्ति प्रॉपर्टी की बिक्री, विज्ञापन या सौदे में मध्यस्थता नहीं कर सकता है. इसके बावजूद कई लोग नियमों को नजरअंदाज कर होम बायर्स को जोखिम में डाल रहे हैं.
‘एजेंट’ किसे माना जाता है? HRERA की परिभाषा
HRERA के अनुसार, जो भी व्यक्ति खरीदार और विक्रेता को मिलवाता है, सौदे की बातचीत करता है और कमीशन या फीस लेकर डील कराता है वही रियल एस्टेट एजेंट की श्रेणी में आता है. ऐसे व्यक्ति का RERA में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है.
इस चेतावनी को कानूनी विशेषज्ञ भी बेहद अहम मानते हैं. Intygrat Law के संस्थापक वेंकट राव कहते हैं कि “हरियाणा रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी द्वारा केवल RERA-पंजीकृत एजेंटों से ही डील करने की सलाह देना खरीदारों के हितों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. बिना पंजीकरण वाले बिचौलिये अक्सर परियोजना की गलत जानकारी देते हैं या ऐसे वादे करते हैं जिनका कोई कानूनी समर्थन नहीं होता. इससे खरीदारों को आर्थिक नुकसान, अवैध एग्रीमेंट और सीमित कानूनी विकल्पों का सामना करना पड़ता है. केवल पंजीकृत एजेंटों के साथ लेन-देन से पारदर्शिता, कानूनी अनुपालन और जवाबदेही मजबूत होती है, जो रियल एस्टेट सेक्टर में भरोसा बढ़ाने के लिए जरूरी है. ”
HRERA की सलाह के मुताबिक, हर होम बायर को चाहिए कि एजेंट का नाम HRERA की आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर जांचे. बिना रजिस्ट्रेशन वाले व्यक्ति को कोई पेमेंट न करें. हर वादा लिखित एग्रीमेंट में शामिल करवाएं. मौखिक बातों और “गारंटी” से बचें.
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