इतिहास सिर्फ पुरानी किताबों के पन्नों या धूल फांकते स्मारकों में ही सुरक्षित नहीं होता, बल्कि कुछ जगहें ऐसी होती हैं जहां वक्त की रफ्तार ठहर सी जाती है. जब आप सदियों पुराने किसी होटल के भारी नक्काशीदार दरवाजों से भीतर कदम रखते हैं, तो वह सिर्फ रहने की जगह नहीं रह जाती, बल्कि इतिहास का एक जीवंत झरोखा बन जाती है. आधुनिक चमक-धमक वाले होटलों के आने से बहुत पहले, आजादी से पहले बने इन होटलों ने मेहमाननवाजी का एक ऐसा पैमाना सेट किया, जिसकी मिसाल आज भी दी जाती है. इनकी चमचमाती लकड़ी की सीढ़ियां और पुराने जमाने के झूमर आज भी उन शाही कहानियों की गवाही देते हैं, जिन्हें सुनने और जीने के लिए दुनिया भर से लोग खिंचे चले आते हैं. तो चलिए जानते हैं उन 5 ऐतिहासिक होटलों के बारे में, जो आज भी अपनी प्राचीन भव्यता और शाही पहचान को संजोए हुए हैं.
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1. ताज महल पैलेस, मुंबई
1903 में बना मुंबई का ताज महल पैलेस महज एक होटल नहीं, बल्कि इस शहर की महानगरीय भावना का प्रतीक है. मूरिश, ओरिएंटल और फ्लोरेंटाइन वास्तुकला के मेल से बना यह प्रतिष्ठित गुंबद आज भी गेटवे ऑफ इंडिया के सामने शान से खड़ा है. इसके संगमरमर के गलियारों में टहलते हुए आप उन विश्व नेताओं और महान कलाकारों की यादों को महसूस कर सकते हैं, जिन्होंने यहां मेजबानी का आनंद लिया है. यहां के हाथ से बुने कालीन और शाही सजावट आज भी आतिथ्य की एक उत्कृष्ट मिसाल पेश करते हैं.
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2. द इंपीरियल, नई दिल्ली
1936 में बना दिल्ली का द इंपीरियल होटल अपने भव्य हॉल और कला से सजे गलियारों में ब्रिटिश राज की स्थापत्य शैली को संजोए हुए है. बर्मी सागौन और इतालवी संगमरमर से बनी यह इमारत किसी आलीशान गैलरी से कम नहीं लगती. राजधानी आने वाले गणमान्य व्यक्तियों के लिए बने इस आश्रय स्थल के अंदर मौजूद अमूल्य कलाकृतियां शहर के राजनीतिक और सांस्कृतिक विकास की कहानी बयां करती हैं. यहां रुकना भारत की स्वतंत्रता-पूर्व विरासत को करीब से देखने जैसा अनुभव है.
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3. ओबेरॉय ग्रैंड, कोलकाता
कलकत्ता के शाही अतीत की याद दिलाता ओबेरॉय ग्रैंड 1880 के दशक की वो विरासत है, जिसे 'चौरंगी की शान' कहा जाता है. अपनी नवशास्त्रीय वास्तुकला और ऊंचे स्तंभों वाले बरामदों के साथ यह होटल औपनिवेशिक दौर का अहसास कराता है. यहां की ऊंची छतें, पुराने जमाने का फर्नीचर और विशाल आंगन में बना स्विमिंग पूल आपको कलकत्ता के उस सुनहरे दौर में ले जाता है, जहां बंगाली संस्कृति और विदेशी ठाठ-बाट का एक अनूठा संगम देखने को मिलता है.
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4. ताज फलकनुमा पैलेस, हैदराबाद
कभी हैदराबाद के निजामों का निजी निवास रहा फलकनुमा पैलेस 1890 के दशक का वो अनमोल रत्न है, जो अपने पुनर्जीवित वैभव के लिए जाना जाता है. यहां मेहमानों का स्वागत आज भी घोड़े की बग्घी में राजसी तरीके से किया जाता है. वेनिस के झूमर, अलंकृत छतें और लगभग 100 फीट लंबा असाधारण डाइनिंग हॉल यहां की राजसी विलासिता की कहानी खुद बयां करते हैं. यह महल-होटल आज भी पर्यटकों को उस दौर का अनुभव कराता है जब नवाबी ठाठ-बाट अपनी चरम सीमा पर थे.
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5. रामबाग पैलेस, जयपुर
1835 में एक छोटे से बगीचे वाले घर के रूप में शुरू हुआ रामबाग पैलेस आज जयपुर की राजसी पहचान बन चुका है. कभी जयपुर के राजपरिवार का निवास स्थान रहे इस भव्य महल के संगमरमर के हॉल और विशाल लॉन आज भी अपनी प्राचीन चमक बरकरार रखे हुए हैं. यहां की हाथ से की गई नक्काशी और राजस्थानी आतिथ्य सत्कार का मेल स्वतंत्रता से पहले के राजसी जीवन की एक सुंदर झलक पेश करता है, जिससे इसका आकर्षण आज भी दुनियाभर के पर्यटकों के बीच बना हुआ है.
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