इसका मतलब यह है कि सिम कार्ड एक्टिवेशन और हर वो काम, जिसके लिए टेलीकॉम कंपनियों को केवाईसी की जरूरत पड़ती है, उसमें ज्यादा समय लगेगा. वेरीफिकेशन के अधिकतर मामलों में आपको टेलीकॉम कंपनी के सेंटर जाना होगा और वह अपना केवाईसी वेरीफिकेशन करवाना होगा.