केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जैसे पैरामिलिट्री यानि अर्द्धसैनिक बलों के कर्मियों को इनकम टैक्स पर छूट मिलने की उम्मीद है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अर्द्धसैनिक बल के जवानों को राशन भत्ता के अलावा रिस्क ( जोखिम) और हार्डशिप (कठिनाई ) भत्ते पर टैक्स छूट देने पर विचार किया जा जा रहा है.
अगर यह लागू होता है तो सीआरपीएफ, बीएसएफ, औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) के करीब 10 लाख अर्द्धसैनिक बलों को लाभ मिलेगा. हालांकि चुनाव आचार संहिता लागू होने की वजह से यह अभी लागू नहीं होगा. ऐसे में नई सरकार इस पर फैसला कर सकती है.
दरअसल, गृह मंत्रालय ने अर्द्धसैनिक बलों को टैक्स छूट देने की मांग करते हुए वित्त मंत्रालय को पत्र लिखा था. पत्र में अन्य बलों के समान और वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक राशन भत्ते पर अर्द्धसैनिक बलों को टैक्स छूट देने की मांग की थी. अब वित्त मंत्रालय की ओर से गृह मंत्रालय को कहा गया कि सुरक्षा बलों की भत्ते को लेकर लंबे समय से मांग है.
इस पर बजट तैयार करने के दौरान विचार किया जाएगा. राशन भत्ते के अलावा गृह मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को लिखे अपने पत्र में जोखिम और दुर्गम क्षेत्र भत्तों को भी आयकर से छूट देने का मुद्दा उठाया है. जोखिम और दुर्गम क्षेत्र भत्ता 6,000 रुपये से लेकर 25,000 रुपये तक है.
बता दें कि रक्षा बल, असम राइफल तथा एनएसजी को राशन मुफ्त दिया जाता है जबकि सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी तथा एसएसबी को राशन भत्ता मिलता है.
अर्द्धसैनिक बलों में सिपाही, हेड कांस्टेबल, सहायक उप निरीक्षक, उप निरीक्षक और निरीक्षक जैसे कर्मचारियों को राशन भत्ते के रूप में हर महीने 3,000 रुपये मिलता है.
वहीं सातवें वेतन आयोग ने अपनी रिपोर्ट में यह सिफारिश की है कि
अर्द्धसैनिक बलों की सेवा शर्तों को देखते हुए सुरक्षा बलों को मिलने वाले
राशत भत्ते पर आयकर से छूट दी जानी चाहिए.