भारत और यूरोप के बीच आज मुक्त व्यापार समझौता या FTA होने जा रहा है जो दोनों के बीच दोस्ती का नया अध्याय बनाएगा. यह समझौता भारत की श्रम आधारित कपड़ा, फुटवियर, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और केमिकल इंडस्ट्री के लिए बड़ा बाजार खोल सकता है. इससे लगभग 200 करोड़ लोगों का साझा बाजार तैयार होगा जो विश्व की 25 प्रतिशत GDP को कवर करेगा. एफटीए के बाद भारत के कपड़े और चमड़े पर लगने वाला यूरोपीय टैक्स कम हो सकता है जिससे यूरोप में भारतीय वस्त्र और जूते सस्ते हो जाएंगे.