एक सितंबर से केंद्र सरकार मेरा बिल मेरा अधिकार (Mera Bill Mera Adhikaar ) नाम से एक गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) स्कीम लॉन्च कर रही है. इस स्कीम के जरिए सिर्फ 200 रुपये की खरीदारी करके एक करोड़ रुपये तक के कैश प्राइस जीतने का मौका मिलेगा. केंद्र सरकार इस स्कीम को राज्य सरकारों के सहयोग से लॉन्च करने जा रही है.
इस स्कीम के तहत लोगों को 200 रुपये या उससे अधिक के किसी भी GST चालान को अपलोड करना होगा. सरकार इस स्कीम को इसलिए शुरू कर रही है, ताकी हर खरीद के लिए GST बिल मांगने के चलन को बढ़ावा दिया जा सके.
इन राज्यों में होगी शुरुआत
एक सितंबर 2023 को इस स्कीम को फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में असम, गुजरात हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेशों में पुड्डुचेरी, दादर नगर हवेली और दमन दीव में लॉन्च किया जाएगा. GST सप्लायर्स की ओर से ग्राहकों को जारी सभी B2C इनवॉयस इस स्कीम के लिए मान्य होंगे. इनवॉयस की न्यूनतम वैल्यू 200 रुपये तय की गई है.
कैसे अपलोड करना होगा बिल?
जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस स्कीम को लॉन्च किया जा रहा है. वहां के ग्राहकों को इनवॉयस को अपलोड करने के लिए 'Web.merebill.gst.gov.in' पोर्टल पर उपलब्ध 'मेरा बिल मेरा अधिकार' पर जाना होगा. यहां आसानी से बिल को अपलोड किया जा सकता है. हालांकि, चालान को अपलोड करने के लिए सरकार ने लिमिट भी तय की है. चालान अपलोड करने के दौरान ग्राहकों को सप्लायर्स का GSTIN, चालान नंबर, चालान की तारीख, चालान की वैल्यू और ग्राहक के राज्य/केंद्र शासित प्रदेश जैसी डिटेल्स मुहैया कराना होगा.
चालान अपलोड करने की लिमिट
स्कीम के गाइडलाइंस के अनुसार, एक व्यक्ति एक महीने में मैक्सिमम 25 चालान अपलोड कर सकता है. जितने भी चालान अपलोड होंगे. उन्हें एक एक्नॉलेजमेंट रिफरेंस नंबर (ARN) मिलेगा. इसी नंबर का इस्तेमाल प्राइज के लिए होने वाले लकी ड्रॉ के लिए किया जाएगा. लकी ड्रॉ हर महीने निकाला जाएगा. नियमों के अनुसार, पिछले महीने के दौरान जारी किए गए सभी B2C चालान, जो अगले महीने की तारीख तक अपलोड किए जाएंगे. उन्हें ही लकी ड्रॉ में शामिल किया जाएगा.
इन बातों का रखें ध्यान
सिस्टम किसी भी तरह के फर्जी या डुप्लिकेट GSTIN चालान को अस्वीकार कर देगा. विजेताओं को सूचित करने के लिए ऐप या वेबसाइट पर केवल पुश नोटिफिकेशन का उपयोग किया जाएगा. स्पेसिफिक बैंक खाते के जरिए विजेता व्यक्ति को पुरस्कार की राशि का ट्रांसफर किया जाएगा. व्यक्ति को ऐप या वेब पोर्टल के माध्यम से अतिरिक्त जानकारी, जैसे कि उनका पैन नंबर, आधार कार्ड नंबर और बैंक अकाउंट देना होगा. ये काम नोटिफिकेशन जारी होने के 30 दिनों के भीतर करना होगा.