स्विट्जरलैंड के दावोस में 19 जनवरी से विश्व आर्थिक मंच यानी वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की 56वीं वार्षिक बैठक शुरू हो गई है. इस सालाना बैठक में दुनियाभर के राजनेता, बिजनेसमैन और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधि शिरकत करेंगे. 23 जनवरी तक चलने वाली इस बैठक के पहले दिन दावोस में WEF अध्यक्ष बोर्गे ब्रेंडे (Borge Brende) ने बिजनेस टुडे से खास बातचीत की.
ब्रेंडे ने इस दौरान भारत में आर्थिक सुधार, भारत-अमेरिका ट्रेड डील, भारत-EU व्यापार समझौते जैसे तमाम मुद्दों पर बात की. उन्होंने कहा कि भारत ने हाल के महीनों में जिस तेजी से आर्थिक सुधार किए हैं, वह काबिल-ए-तारीफ है. भारतीय अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए ब्रेंडे ने कहा, 'पिछले कुछ महीनों में भारत में जितने बड़े आर्थिक सुधार हुए हैं, वह वाकई हैरान करने वाले हैं. मुझे उम्मीद तो थी, लेकिन लगा था कि ये सुधार अगले दशक में होंगे.'
भारत-अमेरिका के संबंधों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इंडिया-US के बीच बदलते संबंधों ने सरकार को सुधारों के लिए राजनीतिक रूप से और अधिक प्रेरित किया है.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बड़ा बयान
इधर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (Trade Deal) को लेकर ब्रेंडे ने भरोसा जताया कि भविष्य में दोनों देशों के बीच करार जरूर होगा. उन्होंने कहा, 'आगे चलकर भारत और अमेरिका के बीच एक बड़ा समझौता होगा.'
भारत के विकास और प्रगति की तारीफ करते हुए ब्रेंडे ने यह भी कहा कि आज भारत पहले से कहीं अधिक आत्मविश्वास से भरा हुआ है. WEF के अध्यक्ष ने आर्थिक तौर पर और मजबूत होते हुए भारत की गति की भी तारीफ की. भारत की आर्थिक मजबूती पर जोर देते हुए ब्रेंडे ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था है और वैश्विक विकास में करीब 20 फीसदी का योगदान दे रहा है.
उन्होंने कहा, 'यह वाकई अविश्वसनीय है. ऐसे हालात में भारत अपने हित में व्यापार समझौते कर सकता है. भारत वही फैसले करेगा जो उसके दीर्घकालिक विकास के अनुरूप होंगे.'
भारत-EU व्यापार समझौते?
बिजनेस टुडे से बातचीत में ब्रेंडे ने भारत-यूरोपीय संघ (EU) के बीच संभावित व्यापार समझौते पर भी बात की. उन्होंने कहा कि अब मुझे लगता है कि भारत और यूरोपीय संघ (EU) के लिए भी समय आ गया है. पारंपरिक रूप से कई चुनौतियां रही हैं, लेकिन अब दोनों पक्ष इसके फायदे समझ रहे हैं. दोनों ही यह मजबूत संकेत दे रहे हैं कि यह समझौता किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यूरोप और भारत के बीच पारंपरिक रूप से कृषि जैसे मुद्दों पर मतभेद रहे हैं.
ग्लोबल ट्रेड लैंडस्केप यानी वैश्विक व्यापार परिदृश्य को लेकर ब्रेंडे ने कहा कि इस साल व्यापार में करीब 3 फीसदी की वृद्धि की उम्मीद है. उनका मानना है कि व्यापार में गिरावट नहीं हो रही है, बस इसकी रफ्तार पहले के मुकाबले थोड़ी धीमी हुई है. व्यापार पानी की तरह होता है, यह अपना रास्ता खुद ढूंढ लेता है
बता दें कि इसबार WEF की वार्षिक बैठक का थीम 'ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग' रखा गया है, और ये बैठक 19 जनवरी से 23 जनवरी तक चलेगी. विश्व आर्थिक मंच (WEF) संवाद, सहयोग और ठोस पहल के लिए एक तटस्थ वैश्विक मंच है.