नरम वैश्विक संकेतों के बीच निवेशकों की मुनाफावसूली से बृहस्पतिवार को घरेलू शेयर बाजारों में लगातार आठ दिन की तेजी के बाद गिरावट रही. बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक कारोबार के दौरान एक समय 466.12 अंक गिर गया था. हालांकि, बाद में इसने कुछ वापसी की और अंतत: 236.48 अंक यानी 0.54 प्रतिशत गिरकर 43,357.19 अंक पर बंद हुआ. एनएसई का निफ्टी इसी तरह 58.35 अंक यानी 0.46 प्रतिशत लुढ़ककर 12,690.80 अंक पर बंद हुआ.
सेंसेक्स की कंपनियों में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का शेयर सर्वाधिक करीब तीन प्रतिशत की गिरावट में रहा. इसके अलावा कोटक महिंद्रा बैंक, इंडसइंड बैंक, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में भी गिरवट दर्ज की गयी. हालांकि हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, एलएंडटी, बजाज फिनसर्व और टेक महिंद्रा के शेयर तेजी में रहे.
कारोबारियों ने कहा कि सरकार द्वारा नये राहत उपायों की घोषणा निवेशकों को लुभाने में असफल रही. बता दें कि वित्त मंत्री द्वारा आत्मानिर्भर भारत 3.0 के तहत राजकोषीय प्रोत्साहन की घोषणा मुख्य रूप से रोजगार सृजन और देश में बुनियादी ढांचे के विकास पर केंद्रित रही. अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिये कई उपायों की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था लंबे और सख्त लॉकडाउन के बाद मजबूती से उबर रही है. उन्होंने रोजगार के अवसर देने वाले प्रतिष्ठानों के लिये सब्सिडी की घोषणा की.
इसे देखें: आजतक LIVE TV
बुधवार को बाजार का हाल
सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 316 अंक यानी 0.73 प्रतिशत की तेजी के साथ 43,593 अंक पर बंद हुआ. यह बंद की ऊंचाई का नया रिकार्ड है. कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 43,708.47 अंक के सर्वकालिक उच्च स्तर तक चला गया था. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 118.05 अंक यानी 0.93 प्रतिशत की बढ़त के साथ 12,750 अंक के उच्चतम स्तर पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान यह 12,769.75 अंक तक चला गया था.