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GDP में 10.5 फीसदी बढ़त का अनुमान, जानें RBI के ऐलान की प्रमुख बातें 

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोना के बढ़ते मामले चिंता जरूर पैदा करते हैं, लेकिन इकोनॉमी में सुधार हो रहा है. वैक्स‍िनेशन जैसे कदमों की वजह से भारत इस तरह की चुनौती से निपटने को तैयार है.

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने किया ऐलान (फाइल फोटो) RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने किया ऐलान (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा
  • ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं
  • जीडीपी अनुमान को बरकरार रखा

भारतीय रिजर्व बैंक ने कोरोना की नई लहर के बावजूद इस वित्त वर्ष यानी 2021-22 में जीडीपी में 10.5 फीसदी की बढ़त का अनुमान जारी किया है. रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को मौद्रिक नीति समिति की बैठक के नतीजों का ऐलान किया. इस बैठक में रिजर्व बैंक के नीतिगत दरों की समीक्षा की गई. बैठक के बाद हुए ऐलान की प्रमुख बातें इस प्रकार हैं: 

ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं 

रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. रेपो रेट 4 फीसदी और रिवर्स रेपोट रेट 3.35 फीसदी पर बरकरार रखा गया है. इसी तरह बैंक रेट को भी 4.25 फीसदी पर बरकरार रखा गया है. इसका आम लोगों के लिए मतलब यह है कि होम लोन या अन्य लोन के ईएमआई के और सस्ता होने की उम्मीद फिलहाल नहीं है. 

जीडीपी में 10.5 फीसदी की बढ़त 

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोना के बढ़ते मामले चिंता जरूर पैदा करते हैं, लेकिन इकोनॉमी में सुधार हो रहा है. वैक्स‍िनेशन जैसे कदमों की वजह से भारत इस तरह की चुनौती से निपटने को तैयार है. रिजर्व बैंक ने कोरोना की नई लहर के बावजूद इस वित्त वर्ष यानी 2021-22 में जीडीपी में 10.5 फीसदी की बढ़त का अनुमान जारी किया है. एमपीसी ने पिछले ऐलान में भी जीडीपी का यही अनुमान जारी किया था. 

पेमेंट बैंक ले सकेंगे 2 लाख रुपये 

भारतीय रिजर्व बैंक ने देश में कामकाज कर रहे पेमेंट बैंक के लिए मैक्सिमम एंड ऑफ डे बैलेंस पहले के 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया है. इसका मतलब यह है कि देश में कामकाज कर रहे पेमेंट बैंक अब किसी व्यक्ति से 2 लाख रुपये तक का डिपाजिट हासिल कर पाएंगे.

आरटीजीएस और एनईएफटी का दायरा बढ़ेगा 

पहले भारतीय रिजर्व बैंक ने यह घोषणा की थी कि आरटीजीएस और एनईएफटी जैसी सुविधाएं सिर्फ बैंकों के लिए उपलब्ध है, अब इसे अन्य कई संस्थाओं के लिए भी शुरू किया जाएगा. इस प्रावधान में आरबीआई ने फिनटेक और पेमेंट कंपनियों को भी सेंट्रलाइज्ड पेमेंट सिस्टम के इन दोनों विकल्पों में शामिल किया है.

किसानों को ज्यादा लोन 

रिजर्व बैंक ने प्राथमिकता वाले सेक्टर (PSL) के तहत लोन की सीमा को बढ़ाकर 50 लाख रुपये से 75 लाख रुपये कर दिया है. इसका फायदा किसानों को मिलेगा. इस तरह का लोन किसानों को निगोश‍िएबल वेयरहाउस रिसीट या इलेक्ट्रॉनिक NWR से अपनी पैदावार का प्रमाण देने पर मिलता है. 
रिजर्व बैंक ने प्राथमिकता वाले सेक्टर (PSL) के तहत लोन की सीमा को बढ़ाकर 50 लाख रुपये से 75 लाख रुपये कर दिया है. इसका फायदा किसानों को मिलेगा. इस तरह का लोन किसानों को निगोश‍िएबल वेयरहाउस रिसीट या इलेक्ट्रॉनिक NWR से अपनी पैदावार का प्रमाण देने पर मिलता है. 

सिस्टम में 25 हजार करोड़ रुपये की नकदी 

देश के करेंसी सिस्टम में करीब 25 हजार करोड़ रुपये की नकदी डालने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने सेकंडरी मार्केट g-sec खरीद 1.0 का ऐलान किया है. इसके तहत 15 अप्रैल को 25 हजार करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियां रिजर्व बैंक खरीदेगा. 

महंगाई दायरे में 

शक्तिकांत दास ने कहा कि फरवरी में खुदरा महंगाई 5 फीसदी की ऊंचाई पर है, लेकिन यह रिजर्व बैंक द्वारा तय दायरे में है. उन्होंने कहा कि खाद्य महंगाई आगे मॉनसून तथा पेट्रोलियम पदार्थो पर लगने वाले टैक्स पर निर्भर करेगी. एमपीसी का अनुमान है कि मौजूदा वित्त वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही में यह 5.2 फीसदी के आसपास रह सकता है. तीसरी तिमाही में यह 4.4 फीसदी और चौथी तिमाही में 5.1 फीसदी रह सकता है.

TLTRO योजना आगे बढ़ाई गई 

रिजर्व बैंक ने TLTRO योजना को छह महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है. अब यह 30 सितंबर, 2021 तक लागू रहेगी. शक्तिकांत दास ने कहा कि रिजर्व बैंक पर्याप्त नकदी साधनों के द्वारा बाजार को सपोर्ट करता रहेगा. NABARD, NHB और SIDBI को 50,000 करोड़ रुपये की नकदी सहायता दी गई है. TLTRO यानी टारगेटेड लॉन्ग टर्म रेपो ऑपरेशंस के द्वारा बैंकों को डेट साधनों में निवेश का अवसर मिलता है और इससे सिस्टम में नकदी आती है. 

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