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लगातार दसवें दिन तेल के दाम बढ़े, MP के अनूपपुर में पेट्रोल 100 रुपये के पार

मध्य प्रदेश के अनूपपुर शहर में आज सादा पेट्रोल भी 100 रुपये के पार हो गया. दिल्ली में पेट्रोल 32 पैसे प्रति लीटर चढ़ कर 89.88 रुपये पर और डीजल 80 रुपये पार हो गया है. देश के कई शहरों में प्रीमियम पेट्रोल पहले से ही 100 रुपये पार है.

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फिर बढ़े तेल के दाम (फाइल फोटो)
फिर बढ़े तेल के दाम (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • तेल के दाम लगातार दसवें दिन बढ़े
  • दिल्ली में 80 रुपये के पार हुआ डीजल
  • अनूपपुर में सादा पेट्रोल 100 रुपये के पार

तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम में गुरुवार को लगातार दसवें दिन बढ़त की है. इस बढ़त के बाद दिल्ली में पेट्रोल 32 पैसे प्रति लीटर चढ़ कर 89.88 रुपये पर और डीजल 80.27 रुपये लीटर हो गया है. मध्य प्रदेश के अनूपपुर शहर में आज सादा पेट्रोल भी 100 रुपये के पार हो गया. 
अनूपपुर में सादा यानी सामान्य पेट्रोल आज 100.36 रुपये और डीजल 90.79 रुपये पर पहुंच गया. देश के कई शहरों में प्रीमियम पेट्रोल पहले से ही 100 रुपये पार है. कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा कि महंगाई चरम पर है, लेकिन सरकार पता नहीं कब जागेगी.

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पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ने की आशंका है.अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल भी लगातार मजबूत हो रहा है. लंदन एक्सचेंज में ब्रेंट क्रूड का दाम 64 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया है. 

प्रमुख शहरों के रेट 

इस बढ़त के बाद दिल्ली में पेट्रोल  89.88 रुपये और डीजल 80.27 रुपये लीटर हो गया है. इसी तरह मुंबई में पेट्रोल 96.32 रुपये और डीजल 87.32 रुपये लीटर तथा चेन्नई में पेट्रोल 91.98 रुपये और डीजल 85.31 रुपये लीटर है. नोएडा में पेट्रोल 88.39 रुपये और डीजल 80.70 रुपये लीटर है. 

तेल के दाम देश में रिकॉर्ड ऊंचाई पर चल रहे हैं. लॉकडाउन के दौरान तेल की मांग काफी कम हो गई  थी, लेकिन सरकार ने टैक्सेज बढ़ाकर पेट्रोलियम से अपने राजस्व को और बढ़ाने का कमाल कर लिया. कच्चे तेल की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट आ गई थी, इसका फायदा भी तेल कंपनियों को मिला. पेट्रोलियम पर सबसे ज्यादा टैक्स लगाने के मामले में भारत दुनिया के टॉप 5 देशों में से है. 

बाजार के हवाले

कई साल पहले ही सरकार ने तेल की कीमतों को बाजार के हवाले कर दिया है, इसका मतलब यह है कि कच्चे तेल की कीमत के आधार पर तेल कंपनियों को पेट्रोल-डीजल के दाम तय करने की आजादी होगी. इसमें होना तो यह चाहिए कि जब कच्चे तेल के दाम बढ़ें तो पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ें और जब कच्चे तेल के दाम घटें तो इनके दाम में भी कमी आए. लेकिन मामला इकतरफा ही रहा है. अगर किसी महीने चार दिन तेल के दाम घट जाते हैं तो दस दिन उनमें बढ़त होती है यानी आम आदमी को आख‍िर महंगा, पेट्रोल डीजल मिलता है. 

सभी परेशान 

पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से आम आदमी से लेकर ट्रांसपोर्टर्स तक सभी बेहाल हैं. कोरोना के दौरान सैलरी में कटौती, काम-धंधा मंदा पड़ने से आम आदमी पहले से काफी परेशान है, अब जब वह काम पर लौट रहा है तो उसे महंगे पेट्रोल की मार सहनी पड़ रही है. 

 

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