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Reliance-Saudi Aramco डील पड़ी खटाई में, अब पहले होगा पुनर्मूल्यांकन

मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज अब अपने तेल और केमिकल (O2C) कारोबार की एक हिस्सेदारी सऊदी अरामको को बेचने से पहले इसके लिए हुए सौदे का पुनर्मूल्यांकन करेगी. इसके लिए दोनों कंपनियों के बीच सहमति बन गई है. पढ़ें पूरी खबर...

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Reliance-Saudi Aramco Deal पड़ी खटाई में (Photo : Reuters) Reliance-Saudi Aramco Deal पड़ी खटाई में (Photo : Reuters)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रिलायंस का अब पूरा ध्यान नवीन ऊर्जा पर
  • NCLT से कारोबार अलग करने का आवेदन वापस
  • सोलर सेल और बैटरी पर कर रही निवेश

Reliance Industries लिमिटेड अब अपने तेल और केमिकल कारोबार की हिस्सेदारी Saudi Aramco को पुनर्मूल्यांकन के बाद बेचेगी. सऊदी अरब की सऊदी अरामको ने 1500 करोड़ डॉलर (करीब 1,11,465 करोड़ रुपये) में रिलायंस के इस कारोबार की हिस्सेदारी का प्रस्ताव रखा था.

वापस ली NCLT से एप्लीकेशन
उद्योगपति मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस संबंध में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) में अपने तेल और केमिकल (O2C) कारोबार को अलग करने के लिए दाखिल आवेदन को वापस ले लिया है. साथ ही सूचना दी है कि दोनों कंपनियों के बीच सौदे के पुनर्मूल्यांकन को लेकर सहमति बनी है और इसी के बाद अंतिम निर्णय होगा.

रिलायंस का ध्यान नवीन ऊर्जा पर

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि उसने ये फैसला अपने नए ऊर्जा कारोबार और इस क्षेत्र में कारोबार की बदलती प्रवृत्ति को देखकर किया गया है. अगस्त 2019 में रिलायंस और सऊदी अरामको के बीच रिलायंस की करीब 20% हिस्सेदारी खरीदने के लिए समझौता हुआ था. बाद में कोविड-19 महामारी के दौरान पेट्रोल-डीजल की मांग गिर गई और तेल की कीमतें जमीन पर आ गईं.

वहीं इस बीच रिलायंस ने करीब 60,000 करोड़ रुपये से चार गीगा फैक्ट्री बनाने की योजना बनाई है जो सोलर सेल और मॉड्यूल से लेकर, बैटरी, फ्यूल सेल और ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन करेंगी.

(एजेंसी से इनपुट के साथ)

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