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भारत में जुलाई से मिल सकती है सिंगल शॉट Johnson & Johnson की वैक्सीन, ये होगी कीमत

देश में जुलाई से  Johnson & Johnson की कोरोना वैक्सीन उपलब्ध होने की उम्मीद है. अभी देश में सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड, भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और रूस की स्पूतनिक ही उपलब्ध हैं.

देश में जुलाई से मिल सकती है Johnson & Johnson की वैक्सीन (Photo : Getty) देश में जुलाई से मिल सकती है Johnson & Johnson की वैक्सीन (Photo : Getty)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ‘प्राइवेट सेक्टर खरीदेगा वैक्सीन’
  • ‘शुरु में आएंगी सिर्फ 1,000 डोज’
  • ‘इस वैक्सीन की सिर्फ एक डोज काफी’

देश में 21 जून से सबके लिए कोरोना वैक्सीनेशन अभियान शुरू हो चुका है. अभी देश में कोरोना के लिए सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड, भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और रूस की स्पूतनिक वैक्सीन ही उपलब्ध हैं. लेकिन अगले महीने से देश में  Johnson & Johnson की कोरोना वैक्सीन उपलब्ध हो सकती है. इससे कोविड के खिलाफ लड़ाई को तेज करने में मदद मिलने की उम्मीद है.

निजी क्षेत्र खरीदेगा वैक्सीन
देश में Johnson & Johnson की कोरोना वैक्सीन की खरीद निजी क्षेत्र के माध्यम से की जाएगी. निजी क्षेत्र बहुत कम मात्रा में इस वैक्सीन की खरीद करेगी. ऐसे में प्राइवेट हॉस्पिटल्स में ये वैक्सीन उपलब्ध हो सकती है. सरकार के इसकी खरीद को लेकर अभी कोई स्पष्टता नहीं है. देश में कोरोना के खिलाफ सरकारी टीकाकरण मुख्य तौर पर कोविशील्ड और कोवैक्सीन के माध्यम से ही चल रहा है.

सीधे कंपनी से खरीदी जाएगी वैक्सीन
हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स के एसोसिएशन का कहना है कि Johnson & Johnson कंपनी से सीधे तौर पर भारत के लिए कोरोना वैक्सीन की खरीद की जाएगी. ये वैक्सीन जुलाई तक देश में उपलब्ध हो सकती है. शुरुआत में इस वैक्सीन के सिर्फ 1,000 डोज की उपलब्ध होंगे.

ये होगी कीमत
देश में Johnson & Johnson की कोरोना वैक्सीन 25 डॉलर करीब 1,850 रुपये में उपलब्ध होगी. इस वैक्सीन की खास बात ये है कि ये सिंगल शॉट वैक्सीन है यानी लोगों को इसकी सिर्फ एक खुराक ही लगवानी होगी.

देश में 31.5 करोड़ लोगों का वैक्सीनेशन
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के हिसाब से देश में अब तक 31.5 करोड़ लोगों को कम से कम कोरोना वैक्सीन की एक खुराक दी जा चुकी है. हालांकि ये देश की आबादी का एक बहुत छोटा हिस्सा है. मूडीज और एसएंडपी जैसी रेटिंग एजेंसियों ने वैक्सीनेशन की इस धीमी रफ्तार को आने वाले वक्त में अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा जोखिम बताया है.

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