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Paras Defence IPO: लिस्टिंग के बाद क्या हो रणनीति? शेयर बाजार के 8 बड़े एक्सपर्ट से जानिए

इस कंपनी के IPO ने इतिहास रचते हुए 304 गुना सब्सक्राइब होकर 24 सितंबर को बंद हुआ. रिटेल निवेशकों की बात करें तो 112 गुना सब्सक्राइब हुआ. निवेशकों को शेयर्स का अलॉटमेंट 28 सितंबर हो किया जाएगा और एक्सचेंज में कंपनी के शेयर की लिस्टिंग 1 अक्टूबर को की जाएगी.

Paras Defence IPO Paras Defence IPO
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पारस डिफेंस के IPO को शानदार रिस्पॉन्स
  • रिकॉर्ड 304 गुना सब्सक्राइब हुआ पारस का IPO

पिछले दो साल से भारत में IPO ने निवेशकों के बीच एक अलग-सा उत्साह का माहौल बनाया हुआ है. इस साल 2021 को पूरा होने में बस कुछ ही महीने बाकी हैं. लेकिन अभी भी कई ऐसी कंपनियां हैं, जो अपना IPO बाजार में लेकर आ रही है. जिनमें से एक है पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजी लिमिटेड का IPO, जिसने सभी IPO के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.

इस कंपनी के IPO ने इतिहास रचते हुए 304 गुना सब्सक्राइब होकर 24 सितंबर को बंद हुआ. रिटेल निवेशकों की बात करें तो 112 गुना सब्सक्राइब हुआ. निवेशकों को शेयर्स का अलॉटमेंट 28 सितंबर हो किया जाएगा और एक्सचेंज में कंपनी के शेयर की लिस्टिंग 1 अक्टूबर को की जाएगी. दमदार सब्सक्रिप्शन के बाद जिन्हें शेयर्स अलॉट होंगे उनके लिए देखना महत्वपूर्ण होगा की उन्हें क्या रणनीति तैयार करनी चाहिए.

साथ ही, जिनको शेयर्स अलॉट नहीं हुए उन्हें क्या आगे खरीदारी करनी चाहिए या नहीं? ऐसे में कई तरह के सवाल निवेशकों के मन में होंगे. हमने कई विशेषज्ञों से बात की और जानने की कोशिश की कि Paras Defence के IPO की लिस्टिंग कैसी हो सकती है और निवेशकों को क्या करना चाहिए?

पहले जानिए कि पारस डिफेंस का कारोबार क्या है?
पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज कंपनी रक्षा उत्पादों और रक्षा इलेक्ट्रिक, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स प्रोटेक्शन से जुड़े समाधान और हेवी इंजीनियरिंग के क्षेत्र में काम करती है. भारत में पारस डिफेंस बड़ी मात्रा में इन्फ्रारेड ऑप्टिक्स की अकेली निर्माता कंपनी है. कंपनी अपने IPO फंड का इस्तेमाल मशीनरी और उपकरण की खरीदारी के अलावा कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने, कर्ज चुकाने के लिए और अपने सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्य को पूरा करने के लिए करेगी.

हालांकि, रिटेल निवेशकों द्वारा पारस डिफेंस के IPO में अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. रिटेल निवेशकों का इस IPO में 35 फीसदी हिस्सा रिजर्व था जिसमें से 112 गुना सब्सक्राइब हुआ. कंपनी का एक लॉट 85 शेयर्स का है. इस IPO के जरिए कंपनी 170.78 करोड़ रुपये जुटाएगी.

कंपनी के क्लाइंट्स:
कंपनी के क्लाइंट्स काफी अच्छे हैं. जिनमें भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, गोदरेज एंड बॉयसे, टीसीएस, ISRO, DRDO, भारत डायनामिक्स और कई विदेशी कंपनियां जैसे एडवांस मैकेनिकल एंड शामिल हैं. ऑपटिकल सिस्टम ऑफ बेल्जियम, ग्रीन ऑप्टिक्स ऑफ साउथ कोरिया जैसी कंपनियां शामिल हैं. 

ब्रोकरेज और विशेषज्ञों की राय:
हालांकि, IPO के ऐतिहासिक ओवर सब्सक्रिप्शन से ही पता लग रहा है कि लोगों में पारस डिफेंस के IPO को लेकर काफी उत्साह है. ऐसे में जिन्हें पारस IPO का लॉट मिलता है वो क्या करें और अगर लिस्टिंग अच्छी हुई तो नए निवेशकों को क्या करना चाहिए. इन सबके बारे जानिए हमारे द्वारा कुछ विशेषज्ञों की राय.

जियोजित बीएनपी पारिबा के गौरांग शाह का मानना है कि 'पारस डिफेंस का आला व्यापार है (Niche business). पारस की लिस्टिंग काफी अच्छी होने के उम्मीद है. कंपनी भारत की सुरक्षा पर खर्च करेगी जो एक अच्छा संकेत है. कंपनी का ऑर्डर बुक काफी अच्छा है. अगर आपने मन बनाया हुआ है कि मुनाफा लेकर निकलना है तो लिस्टिंग गेंस लेने में समझदारी है. नए निवेशकों को पारस के शेयर्स खरीदने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. लिस्टिंग के बाद थोड़ा इंतजार करें, उसके बाद ही कोई फैसला लें.'

एस्कॉर्ट्स सिक्योरिटी के हेड-रिचर्स, आसिफ इकबाल के मुताबिक 'आगे चलकर पारस डिफेंस में काफी अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है. हालांकि, पिछले जो साल में कोरोना महामारी के वजह से कंपनी में एक फ्लैट ग्रोथ देखने को मिला. लेकिन आगे पारस डिफेंस में तेजी से ग्रोथ होने की उम्मीद है, जिनके दो मुख्य कारण है- लो इक्विटी बेस और दूसरा है लो बेस ऑफ रेवेन्यू और फ्रॉफिबिलिटी. 

सरकार की ओर से डिफेंस स्पेंडिंग बढ़ रही है. साथ ही प्राइवेट प्लेयर्स पार्टिसिपेशन भी डिफेंस सेक्टर में बढ़ रहा है, जिसका सकारात्मक असर पारस डिफेंस जैसी कंपनियों को होगा. मार्जिन्स में भी 1.5 फीसदी की बढ़त देखी गई है. निवेश के लिहाज से एक सही विकल्प है. साथ ही अगर आप छोटी अवधि के निवेशक हैं तो लिस्टिंग गेंस का फायदा लेकर फिर थोड़ी गिरावट पर और खरीदारी कर सकते हैं. लंबी अवधि के निवेशकों को होल्ड करने की सलाह है. नए निवेशकों को जल्दबाजी न करते हुए थोड़े इंतजार के बाद निवेश करें.

लर्नआरकेबी.इन के राकेश बंसल का मानना है कि 'पारस डिफेंस के IPO पर पूरा HNIs का पागलपन दिख रहा है. उनके मुताबिक पारस डिफेंस के IPO में बने रहना कोई समझदारी नहीं. बाजार में दूसरे निवेश विकल्प जैसे निफ्टी बैंक के इटीएफ और CPSE ETF में निवेश करना बेहतर विकल्प होगा.'

आईआईएफएल सिक्योरिटीज के डायरेक्टर-रिसर्च, संजीव भसीन का मानना है कि पारस डिफेंस पर निवेशक का क्या आउटलुक है, उसपर निर्भर करेगा. साथ ही, सरकार द्वारा डिफेंस सेक्टर पर PLI के कारण एक सॉफ्ट रुझान देखने को मिल सकता है. निवेशकों को सलाह है कि वो कम से कम 75 फीसदी तक का मुनाफा जरूर लेकर निकलें. नए निवेशकों को लिस्टिंग के बाद पारस डिफेंस में निवेश करने से दूर रहने की सलाह है. निवेशकों को थोड़ा इंतजार करके अन्य सेक्टर जैसे ऑटो, बैंकिंग शेयरों में निवेश करना चाहिए.'

प्रॉफिटमार्ट सिक्योरिटीज के हेड रिसर्च, अविनाश गोरक्षकर का मानना है कि पारस डिफेंस के ओवर सब्सक्रिप्शन को देखते हुए 100 फीसदी अपसाइड लिस्टिंग की उम्मीद की जा सकती है. निवेशकों को लिस्टिंग गेंस का पूरा फायदा उठाना चाहिए. अगर निवेशक के पास काफी कम शेयर्स मौजूद होते हैं तो लिस्टिंग के बाद पहले मुनाफावसूली करने में ही फायदे का सौदा है. पारस डिफेंस की ग्रोथ की उम्मीद काफी मजबूत है. 

साथ ही कंपनी का ऑर्डर बुक 300 करोड़ रुपये का है. कंपनी आगे ड्रोन्स बनाने का कार्य भी शुरू करेगी. ऐसे में अगर लिस्टिंग के बाद गिरावट आती है तो निवेशकों को खरीदारी करने की सलाह है. वरना तेजी पर मुनाफावसूली करनी चाहिए. अगल अच्छा रिटर्न चाहिए तो कम से कम दो साल की अवधि के लिए कंपनी में निवेशित रहें.

वेंचुरा कैपिटल के रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक-IPO का प्राइस बैंड 175 रुपये प्रति शेयर हैं, जो (10.9X FY24 P/E) ज्यादा एक्सपेंसिव नहीं है. कंपनी के आने वाले समय में अच्छे विस्तार योजनाओं का प्लान है. जिसके जरिए आने वाले समय में टॉप लाइन परफॉर्मेंस में तेजी की उम्मीद जताई जा रही है. साथ ही, वर्किंग कैपिटल को ध्यान में रखकर देखें तो थोड़ा रेवेन्यू में फिलहाल दबाव देखने को मिल सकता है, निवेशकों को अगर शेयर्स मिलते हैं तो उन्हें लिस्टिंग गेन्स का फायदा जरूर उठाने की सलाह है.

वहीं, मोतीलाल ओसवाल की रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक पारस डिफेंस के आगे चलकर रेवेन्यू में बढ़त की उम्मीद है. साथ ही कपंनी कई नए प्रोडक्ट्स जैसे कि टर्नकी सबमैरीन पेरिस्कोप, ऑप्टिकल मल्टी/हाइपर स्पेक्ट्रल ड्रोन कैमरा, टेलिस्कोप, एंटीड्रोन जैसे सिस्टम इत्यादि को बढ़ावा देने पर काम कर रही है. जिससे कंपनी के कारोबार को फायदा होगा. मोतीलाल रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार द्वारा ड्रोन को लेकर आई PLI स्कीम से भी फायदा मिल सकता है. निवेशकों को लिस्टिंग गेंस का फायदा जरूर उठाना चाहिए. 


मारवाड़ी शेयर्स एंड फाइनेंस लिमिटेड के रिसर्च एनालिस्ट-सौरभ जोशी के मुताबिक पारस डिफेंस की लिस्टिंग के बाद शेयर को होल्ड करना है या बेचना है वो इस बात पर निर्भर करता है कि लिस्टिंग गेन कितनी होती है? थोड़ी बहुत लिस्टिंग गेन के लालच में जल्दबाजी न करने की सलाह है. कंपनी एक लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट ग्रेड में आती है और जब तक शेयर का वैल्यूएशन रिजनेबल है, हमें बिकवाली से दूर रहना चाहिए. नए निवेशकों को लिस्टिंग के बाद अगर खरीदारी करनी है तो वैल्यूएशन को ध्यान में रखने की जरूरत होगी. लंबी अवधि के लिए पारस डिफेंस में निवेशित रहना अच्छा विकल्प है.

डिसक्लेमर: किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने निवेश सलाहकार की सलाह जरूर लें.

 

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