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किसान आंदोलन की वजह से रिलायंस, वॉलमार्ट को करोड़ों रुपये का नुकसान! महीनों से बंद हैं कई स्टोर

देश में नए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसानों के आंदोलन से रिलायंस इंडस्ट्रीज और वॉलमार्ट जैसी कंपनियों को अपने स्टोर बंद रखने पड़े हैं. इससे कंपनियों को बीते कुछ महीनों में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है.

किसान आंदोलन से रिलायंस, वालमार्ट को करोड़ों का नुकसान (फाइल फोटो) किसान आंदोलन से रिलायंस, वालमार्ट को करोड़ों का नुकसान (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पंजाब में स्टोर बंद करने को मजबूर कंपनियां
  • वॉलमार्ट का बठिंडा स्टोर बंद
  • रिलायंस के करीब आधे स्टोर बंद

नए कृषि कानूनों को लेकर देशभर में किसान सड़कों पर है. दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए उन्हें 50 दिन से अधिक हो चुके हैं. किसानों का गुस्सा रिलायंस इंडस्ट्रीज, वॉलमार्ट जैसी कंपनियों के स्टोर पर भी फूट रहा है. इसके चलते कंपनियों को अपने स्टोर बंद रखने पड़ रहे हैं. बीते महीनों में इससे कंपनियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है.

तीन महीनों से बंद हैं स्टोर

रॉयटर्स की खबर के मुताबिक पंजाब में रिलायंस इंडस्ट्रीज के आधे से अधिक करीब 100 स्टोर अक्टूबर के महीने से बंद हैं. जबकि वालमार्ट को भी बठिंडा में अपने 50,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैले एक बड़े थोक स्टोर को बंद रखना पड़ रहा है.

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स्टोर में तोड़-फोड़ का डर

नाम न जाहिर करने की शर्त पर घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पंजाब में किसानों का विरोध अधिक कड़ा है. कंपनियों को उनके स्टोर में तोड़फोड़ होने का डर है. ऐसे में संपत्ति और स्टोर के कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर उन्हें अपने स्टोर बंद रखने पड़ रहे हैं.

करोड़ों रुपये का नुकसान

रिटेल उद्योग से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि राज्य भर में रिलायंस के स्टोर बंद रहने से करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है. दो अन्य सूत्रों ने कहा वॉलमार्ट के इस तरह के देश में 29 स्टोर हैं. बठिंडा वाले स्टोर के बंद रहने से कंपनी को करीब 59 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है.

सूत्र ने कहा, ‘किसान रोजाना वॉलमार्ट के स्टोर के बाहर धरना देते हैं. वह दिन भर किसी को अंदर नहीं जाने देते.’ इस स्टोर में करीब 250 लोग नौकरी करते हैं.

कंपनियों का ऑफिशियल बयान से इंकार

जमीनी हकीकत की जानकारी रखने वाले रिलायंस के स्थानीय स्टोर के अधिकारियों ने का कहना है कि इस बारे में मीडिया से बात करने के लिए वे अधिकृत नहीं हैं. वॉलमार्ट और उसकी भारतीय इकाई फ्लिपकार्ट समेत रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी इस पर आधिकारिक टिप्पणी करने से मना कर दिया है.

क्या कहना है किसान नेताओं का 

विरोध कर रहे किसानों में अधिकतर पंजाब से हैं. किसानों के कई नेता भी पंजाब-हरियाणा से हैं. डेमोक्रेटिक फार्मर्स यूनियन के कुलवंत सिंह संधू का कहना है कि रिलायंस के खिलाफ उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. अन्य किसान नेता जगतार सिंह ने कहा कि सरकार जब तक इन कानूनों को वापस नहीं लेती तब तक वह रिलायंस का विरोध करते रहेंगे.

 

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