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कृषि सुधार आगे बढ़ाने की दिशा में अहम हो सकते हैं भारत के नए कृषि कानून: IMF

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत सरकार के नए कृषि कानूनों को देश में कृषि सुधार आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम करार दिया है. हालांकि उसने इस बदलाव के दौर में प्रभावितों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी वकालत की है.

नए कृषि कानून कृषि सुधार आगे बढ़ाने में सक्षम : IMF (फोटो : PTI) नए कृषि कानून कृषि सुधार आगे बढ़ाने में सक्षम : IMF (फोटो : PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • IMF ने कहा-बिचौलियों की भूमिका कम होगी
  • प्रभावितों की सामाजिक सुरक्षा जरूरी
  • ग्रामीण वृद्धि को समर्थन देने वाले कानून

नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर किसान 50 से ज्यादा दिन से विरोध कर रहे हैं. इस बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत सरकार द्वारा पारित इन कानूनों को देश में कृषि सुधार आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम बताया है. हालांकि उसने नई प्रणाली में बदलाव के दौरान बुरी तरह प्रभावित होने वालों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है.

क्या कहा IMF ने?

IMF के कम्युनिकेशन डायरेक्टर गैरी राइस ने वाशिंगटन में कहा कि भारत सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों में कृषि सुधार आगे बढ़ाने का पोटेंशियल है. लेकिल पुरानी प्रणाली से नयी प्रणाली में बदलाव के दौरान बुरी तरह प्रभावित होने वालों के लिए सामाजिक सुरक्षा की भी जरूरत है.

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कम करेगा बिचौलियों की भूमिका

राइस ने गुरुवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि नए कदम कृषि क्षेत्र में बिचौलियों की भूमिका कम करेंगे. साथ ही क्षेत्र की दक्षता में भी बढ़ोत्री करेंगे. इससे ग्रामीण वृद्धि को भी समर्थन मिलेगा. उन्होंने कहा कि इससे किसानों को सीधे विक्रेता से जुड़ने में मदद मिलेगी. इस तरह वह सरप्लस मनी का बड़ा हिस्सा अपने पास रख पाएंगे.

प्रभावितों की सामाजिक सुरक्षा अनिवार्य

हालांकि उन्होंने पुरानी प्रणाली से नयी प्रणाली के बीच बदलाव के दौरान इससे बुरी तरह प्रभावित होने वालों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी वकालत की. उन्होंने इसके लिए पर्याप्त सुरक्षात्मक कद उठाने की जरूरत बतायी.  राइस ने कहा कि सुधारों से प्रभावित होने वाले रोजगार के लिए बाजार में जगह बनाकर सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है.

समय से लागू करने पर होगा कानूनों का लाभ

राइस ने कहा कि इन सुधारों से होने वाला लाभ इनके प्रभावी होने और किस समय उन्हें लागू किया गया, उस पर निर्भर करेगा. इसलिए सुधारों के साथ-साथ इन मुद्दों पर भी ध्यान देने की जरूरत है.

विरोध कर रहे हैं किसान

सरकार के इन कानूनों को पारित करने के बाद से देशभर के किसान इसका विरोध कर रहे हैं. 50 दिन से भी अधिक समय से दिल्ली की सीमाओं पर किसानों ने डेरा जमाया हुआ है. इसमें अधिकतर किसान पंजाब और हरियाणा के हैं जिनकी देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका है.

नए कानूनों को लेकर किसानों का मानना है कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का सहारा खत्म होने का रास्ता खुल जाएगा. यह आने वाले समय में मंडी व्यवस्था को खत्म कर देगा और उन्हें बड़े कॉरपोरेटों की दया पर छोड़ देगा.

 

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