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शेयर बाजार का महाबली...अब ब्रिटेन को पीछे छोड़ने के करीब है भारत

अगले कुछ दिनों में ही भारत (Indian stock market) ब्रिटेन को पीछे छोड़कर वैल्युएशन के हिसाब से दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा शेयर बाजार बन सकता है. भारत में तेजी से बढ़ रहे निवेशकों और शेयर बाजार में आ रही तेजी की वजह से यह संभव होता दिख रहा है. 

भारतीय शेयर बाजार का बढ़ता दम (फाइल फोटो:AFP) भारतीय शेयर बाजार का बढ़ता दम (फाइल फोटो:AFP)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • भारतीय शेयर बाजार ने दिखाया दम
  • दुनिया में तेजी से चढ़ रहा पायदान

भारतीय शेयर बाजार हाल में ही फ्रांस को पीछे छोड़कर दुनिया का छठा सबसे बड़ा बाजार बना था. अब वह ब्रिटेन को पीछे छोड़ने के करीब पहुंच गया है. अगले कुछ दिनों में ही भारत उसे पीछे छोड़कर वैल्युएशन के हिसाब से दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा शेयर बाजार बन सकता है. 

भारत में तेजी से बढ़ रहे निवेशकों और शेयर बाजार में आ रही तेजी की वजह से यह संभव होता दिख रहा है. Bloomberg के मुताबिक भारतीय शेयर बाजार का मार्केट कैप यानी बाजार पूंजीकरण इस साल करीब 37% की उछाल के साथ 3.46 लाख करोड़ (trillion) डॉलर (यानी करीब 261 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गया. यह भारतीय शेयर बाजार यानी एनएसई और बीएसई पर लिस्ट होने वाली सभी कंपनियों का सामूहिक मार्केट कैप है. 

दूसरी तरफ ब्रिटेन (UK) के शेयर बाजारों का मार्केट कैप इस साल महज 9 फीसदी की बढ़त के साथ करीब 3.59 लाख करोड़ डॉलर के आसपास है. यानी भारत जल्दी ही ब्रिटेन को पीछे छोड़ सकता है. 

भारत के प्रति बढ़ता आकर्षण 

कई वजहों से चीन के प्रति विदेशी निवेश आशंकित हुए हैं और ब्रिटेन में ब्रेक्जिट को लेकर अनिश्चितता का आलम है, इसकी वजह से भारतीय शेयर बाजार को फायदा हो रहा है.भारतीय शेयर बाजार को काफी आकर्षक माना जा रहा है, जिसमें लॉन्ग टर्म के लिहाज से ग्रोथ की काफी संभावनाएं हैं. 

S&P BSE सेंसेक्स पिछले साल मार्च में भारी गिरावट के बाद से अब तक 130 फीसदी की जबरदस्त उछाल ले चुका है. यह दिग्गज देशों के शेयर बाजारों में सबसे ज्यादा है. डॉलर के मद में ही देखें तो भारत ने निवेशकों को पिछले पांच साल में औसतन सालाना 15 फीसदी का रिटर्न दिया है, जबकि ब्रिटेन के FTSE 100 इंडेक्स ने करीब 6 फीसदी का ही रिटर्न दिया है. 

हाल में फ्रांस को पीछे छोड़ा था 

एक अनुमान के अनुसार भारतीय शेयर बाजार में अगले 2-3 साल में ही नए आईपीओ से करीब 400 अरब डॉलर की पूंजी जुटाई जा सकेगी. गौरतलब है क‍ि पिछले महीने ही भारतीय शेयर बाजार मार्केट कैप के मामले में फ्रांस को पीछे छोड़कर दुनिया का छठा सबसे बड़ा बाजार बन गया था. 

ये है अमेरिका-चीन की हालत   

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मार्केट कैप के आधार पर अमेरिकी शेयर बाजार नंबर वन पर है. वॉल स्ट्रीट का टोटल मार्केट कैप 51 ट्रिलियन डॉलर पार है. दूसरे नंबर पर चीन, तीसरे नंबर पर जापान, चौथे पर हांगकांग और पांचवें नंबर पर अभी ब्रिटेन है. 

 

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