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India Today Conclave South: कैसे कम हो पेट्रोल-डीजल की कीमतें? वित्त मंत्री सीतारमण ने दी ये राय

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव साउथ 2021 के एक खास सत्र में आईं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार जो भी टैक्स वसूलती है, उसका करीब 42 फीसदी हिस्सा राज्यों को जाता है.

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो) वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में शामिल हुईं वित्त मंत्री
  • इकोनॉमी के कई पहलुओं पर की बात
  • GST काउंसिल में पेट्रोल-डीजल को लाने पर होगी चर्चा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी लाने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर कोई रास्ता निकालना होगा. उन्होंने कहा कि अभी केंद्र सरकार जो टैक्स वसूलती है, उसका बड़ा हिस्सा राज्यों को जाता है. 

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव साउथ 2021 के एक खास सत्र में इंडिया टुडे टीवी के न्यूज डायरेक्टर राहुल कंवल से बात करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, ' केंद्र सरकार जो भी टैक्स वसूलती है उसका करीब 42 फीसदी हिस्सा राज्यों को जाता है. इसलिए ईंधन का मामला राज्यों के स्तर पर ज्यादा बेहतर डील किया जा सकता है.' 

उन्होंने कहा कि संघीय ढांचे में हमें यह सोचना है कि इससे कैसे बेहतर ढंग से निपटे. इसके लिए केंद्र और राज्यों पर सोच-समझकर विचार करना होगा, क्योंकि आख‍िरकार जनता को राहत देना है. 

जीएसटी में लाने के लिए क्या करेगी सरकार

पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में लाने के सवाल पर निर्मला सीतारमण ने कहा, 'हम जीएसटी कौंसिल में अपनी बात रखेंगे, काउउंसिल अगर कोई निर्णय लेता है तो फिर हम उस पर आगे बढ़ेंगे.'  

निजी क्षेत्र पर भरोसा 

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में हम निजी क्षेत्र को यह भरोसा दिलाना चाहते थे कि हम उनमें विश्वास करते हैं, कारोबार के लिए हम सुगमता देंगे. अब 2019 के बाद हम नीतियां बना रहे हैं. हमने उन्हें भरोसा दिलाया है कि सरकार कोई पुलिसिंग या परेशान करने वाली भूमिका में नहीं रहेगी. यह हमारी नीति है.

डिजिटल करेंसी को बढ़ावा देगी सरकार! 

क्रिप्टो करेंसी के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि इसके बारे में कैबिनेट नोट तैयार है, जल्दी ही कैबिनेट के पास जाएगा. उन्होंने कहा, 'हमारा मानना है कि रिजर्व बैंक को यह तय करना है कि अपना डिजिटल करेंसी बनाएं या नहीं. हमारी राय यह है कि डिजिटल करेंसी के मामले में रास्ते या प्रयोग जारी रहने चाहिए. लेकिन कैबिनेट ही इस पर अंतिम निर्णय लेगा. बहुत सी फिनटेक कंपनियों ने इसमें काफी प्रगति की है. इस बारे में भारत में काफी कुछ होने वाला है, हम निश्चित रूप से प्रोत्साहित करेंगे. 

चीनी निवेश के बारे में रणनीति 

क्या चीन से आने वाले निवेश पर भारत नए सिरे से विचार कर रहा है? इस सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि पड़ोसी देशों से निवेश के बारे में स्पष्ट नीति बनी हुई है. हम किसी देश को निशाना बनाकर कोई निर्णय नहीं ले रहे.

क्या हुवावे जैसी कंपनियों के इक्विपमेंट को 5जी जैसी तकनीक में इस्तेमाल की इजाजत दी जाएगी, जो कि चीन की सेना के साथ करीबी से काम करती रही हैं? इस सवाल पर निर्मला ने कहा कि यह टेलीकॉम जैसे संबंध‍ित मंत्रालयों को विचार करना है. यह भारत के लिए गंभीर, सामरिक नीति से जुड़ा है. इसलिए मैं इस पर कुछ नहीं कह सकती. 

पीएलआई गेमचेंजर बन रहा 

उन्होंने कहा कि पीएलआई सरकार की ऐसी योजनाओं में से है जिनका तत्काल रिजल्ट दिख रहा है. बहुत सी इंडस्ट्री उत्साह के साथ इसका फायदा लेने के लिए आगे आई हैं. यह बहुत सफल योजनाओं में से है, सिर्फ कागज ही नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर भी. 

5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी संभव 

उन्होंने कहा कि कोरोना के दौर में हालात बदलने के बाद भी 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी को हासिल करना कठिन नहीं है. हमने जो बजट पेश किया है उसमें हम और आगे की बात कर रहे हैं, अगले 15 साल, 100 साल की बात कर रहे हैं.  

 

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