साल 2026 में सोने और चांदी के दाम में शानदार उछाल आई थी और अब भी इन कीमती धातुओं में तेजी जारी है. चांदी की कीमत साल के पहले दिन में ही 13 फीसदी बढ़ गई है, जबकि सोने की कीमत पिछले 12 महीनों में करीब 85 फीसदी बढ़ी है. इस तेजी का संकेत ये है कि ग्लोबल टेंशन के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश का विकल्प चुन रहे हैं.
भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने और प्रमुख संस्थानों पर भरोसे में कमी आने के साथ, सोना एक बार फिर दुनिया भर में पोर्टफोलियो रणनीतियों का केंद्र बन गया है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, सोने के फरवरी वायदा भाव मंगलवार को मामूली गिरावट के साथ 1,41,731 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुले, जबकि एक दिन पहले ही ये अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गए थे.
चांदी के भाव में तेजी जारी रही और मार्च वायदा भाव 2,69,369 रुपये प्रति किलोग्राम के करीब कारोबार कर रहा था. सोने में आई इस मामूली गिरावट का कारण बाजार की भावना में कोई बदलाव नहीं था, बल्कि मुनाफावसूली थी, क्योंकि दोनों मेटल अपने रिकॉर्ड स्तर के करीब बनी हुई हैं.
इंटनेशलन मार्केट में सोने-चांदी का रेट
इंटरनेशलन स्तर पर सोने की कीमत कुछ समय के लिए 4,600 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई, लेकिन बाद में थोड़ी गिरी. चांदी की कीमत 86 डॉलर से ऊपर पहुंची, जिससे तेजी को और मजबूती मिली. रिद्धि सिद्धि बुलियंस के प्रबंध निदेशक पृथ्वीराज कोठारी के अनुसार, यह उछाल राजनीतिक, संस्थागत और भू-राजनीतिक जोखिमों को दिखाता है.
क्यों चढ़ रहे सोने-चांदी के भाव
बाजार में उस समय और भी घबराहट फैल गई जब खबरें आईं कि अमेरिकी फेडरल प्रोसिक्यूटर्स ने एक भवन नवीनीकरण परियोजना के संबंध में कांग्रेस को दिए गए उनके बयानों को लेकर फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल के खिलाफ कार्रवाई की धमकी दी है. पॉवेल ने इस कदम को केंद्रीय बैंक पर ब्याज दरों में कटौती का दबाव बनाने का एक बहाना बताया है. ऐसा कहा जाता है कि केंद्रीय बैंकों के नीतिगत मामले में हस्तक्षेप से करेंसी में अविश्वास बढ़ता है और सोने-चांदी के दाम में तेजी आती है.
अमेरिका ने वेनेजुएला कब्जा किया है. वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में अशांति के बीच संभावित सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है. यूक्रेन में जारी संघर्ष, चीन और जापान के बीच बढ़ते तनाव और व्हाइट हाउस द्वारा ग्रीनलैंड को हासिल करने की जिद ने वैश्विक चिंता को और गहरा कर दिया है.
फरवरी में समाप्त होने वाले सोने के वायदा भाव हाल ही में 1,42,340 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गए, जो 2025 की शुरुआत में देखे गए स्तरों से 85% से अधिक की वृद्धि दर्शाता है. चांदी के वायदा भाव लगभग 2.7 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए, जो एक वर्ष में 200% से अधिक की तेजी है.
अब आगे क्या?
चांदी के लिए फिबोनाची अनुमानों से पता चलता है कि आने वाले हफ्तों में इसमें $88 और $93 के आसपास तेजी आ सकती है, जबकि $70 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट होगा. फिर भी मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि रिस्क उत्साह के साथ ही अनुशासन भी बनाए रखन होगा. हालांकि पोर्टफोलियो में जोखिम कम करने के लिए सोने और चांदी को रखने का दीर्घकालिक तर्क अभी भी मज़बूत है.
(नोट- किसी भी असेट में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)