scorecardresearch
 

बजट के बाद वित्त मंत्री की आज RBI बोर्ड संग बैठक, जानें किन मसलों पर हो सकती है बात

इस बैठक में राजकोषीय घाटे को कम करने के रोडपैम सहित कई अहम मसलों पर चर्चा हो सकती है. गौरतलब है कि 31 मार्च को खत्म हो रहे मौजूदा वित्त वर्ष में कोविड-19 महामारी की वजह से राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद के रिकॉर्ड 9.5 फीसदी तक पहुंच सकता है.

वित्त मंत्री की आज RBI बोर्ड के साथ मीटिंग (फाइल फोटो: ANI) वित्त मंत्री की आज RBI बोर्ड के साथ मीटिंग (फाइल फोटो: ANI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बजट के बाद आज अहम बैठक
  • रिजर्व बैंक के बोर्ड के साथ बैठक
  • वित्त मंत्री करेंगी अहम मसलों पर चर्चा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के केंद्रीय बोर्ड के साथ बजट 2021 पर चर्चा करेंगी. इस बैठक में राजकोषीय घाटे को कम करने के रोडमैप सहित कई अहम मसलों पर चर्चा हो सकती है. 

गौरतलब है कि 31 मार्च को खत्म हो रहे मौजूदा वित्त वर्ष में कोविड-19 महामारी की वजह से राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के रिकॉर्ड 9.5 फीसदी तक पहुंच सकता है. अगले वित्त वर्ष यानी 2021-22 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी के 6.8 फीसदी तक रखा गया है. इसे 31 मार्च 2026 तक घटाते हुए जीडीपी के 4.5 फीसदी तक ले जाने का इरादा है. 

12 लाख करोड़ रुपये का उधार लेना है 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 का जो बजट पेश किया है, उसमें यह अनुमान लगाया गया कि पूरे वित्त वर्ष के दौरान सरकार को करीब 12 लाख करोड़ रुपये का उधार लेना पड़ सकता है. 

गौरतलब है कि कुछ साल पहले सरकार ने कहा था कि राजकोषीय घाटे को घटाकर जीडीपी के 3 फीसदी तक लाया जाएगा, लेकिन कोरोना संकट ने सारा गण‍ित फेल कर दिया. कोरोना में लगे लॉकडाउन की वजह से इकोनॉमी पटरी से उतर गई और राजकोषीय घाटे का नया रिकॉर्ड कायम हो गया. 

वर्चुअल होगी बैठक 

एक न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि कोविड-19 प्रोटोकॉल की वजह से पहली बार यह बैठक वर्चुअली आयोजित होगी. इसके पहले इसी महीने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि अगले वित्त वर्ष में 12 लाख करोड़ रुपये की भारी उधारी को सहज तरीके से प्रबंध‍ित करने में सक्षम है. 

उन्होंने कहा था कि महामारी जैसी असाधारण घटना की वजह से राजकोषीय मजबूती के रास्ते से देश को हटना पड़ा. उन्होंने कहा था कि रिजर्व बैंक सरकार के लिए कर्ज के प्रबंधक की तरह है और उधारी के बारे में बजट से पहले भी चर्चा हुई थी.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें