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लोकसभा में बजट पर चर्चा, कांग्रेस पर बरसीं वित्त मंत्री, बार-बार दिलाई 'दामाद' की याद

बिना किसी का नाम लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कभी एक वक्त था जहां कुछ राज्यों में सरकार थी वहां दामाद को जमीन मिला करती था, जैसे राजस्थान, हरियाणा. मैं इसकी डिटेल्स दे सकती हूं. उन्होंने कहा कि हम दामाद के लिए काम नहीं करते हैं.

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
स्टोरी हाइलाइट्स
  • वित्त मंत्री की चर्चा में दामाद शब्द का जिक्र
  • 'कुछ राज्यों में दामाद को जमीन मिलती है'

लोकसभा में शनिवार को बजट 2021-22 पर सरकार का पक्ष रखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बार-बार दामाद शब्द का जिक्र किया. वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी योजनाएं आम लोगों के लिए होती हैं, दामाद के लिए नहीं.   

हमारी योजनाएं जनता के लिए, दामाद के लिए नहीं-निर्मला

वित्त मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत गरीबों, रेहड़ी-पटरी वाले विक्रेताओं को 10,000 रुपये की आर्थिक मदद एक साल के लिए दी है. उन्होंने कहा कि जो लोग हम पर क्रोनी के लिए काम करने का आरोप लगाते हैं उन्हें समझना चाहिए कि हमारे क्रोनी आम जनता है. जिन्हें पीएम आवास योजना के तहत घर मिला है, जिन्हें शौचालय मिला है क्या ये क्रोनी हैं? हमारी योजनाएं दामाद के लिए नहीं, गरीब, मजदूर, रेहड़ी-पटरी पर काम करने वालों के लिए है.

बिना किसी का नाम लिए वित्त मंत्री ने कहा कि कभी एक वक्त था जहां कुछ राज्यों में सरकार थी, वहां दामाद को जमीन मिला करती थी, जैसे राजस्थान, हरियाणा. मैं इसकी डिटेल्स दे सकती हूं. उन्होंने कहा कि हम दामाद के लिए काम नहीं करते हैं. बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बजट पर चर्चा के दौरान कहा था कि केंद्र का बजट उनके दो तीन पूंजीपति मित्रों के लिए है.  

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बेटी-दामाद पर निर्मला का वार

कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा, कांग्रेस के लिए हम दो हमारे दो का मतलब है कि हम दो लोग पार्टी की चिंता कर रहे हैं, जबकि दो और लोग हैं जो बाकी चिंता करेंगे. ये दो लोग हैं बेटी और दामाद. 

कांग्रेस पर हमला करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि शशि थरूर यहां पर मौजूद हैं. केरल में जब उनकी पार्टी की सरकार थी तो इन लोगों ने एक क्रोनी को यहां बुलाया था. न कोई टेंडर...न कुछ और ये लोग हमें क्रोनी कैपिटलिस्ट कहते हैं? ऐसा इसलिए है क्योंकि केरल में कोई दामाद नहीं रहता है...दामाद यहां रहता है. वित्त मंत्री ने कहा कि हमारे क्रोनी आम जनता है, जिन्हें सरकारी आवास मिलता है, स्वनिधि योजना का फायदा मिलता है. ये हमारे क्रोनी हैं. 

 

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