डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) बीते साल 2025 में खूब सुर्खियों में रहे थे और साल 2026 में भी उनकी चर्चाएं जोरों पर हैं. हाल ही में वेनेजुएला में सैन्य अभियान (US Strikes Venezuela) और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने Venezuela Oil Sector में एंट्री का दावा करते हुए एनर्जी सेक्टर में हड़कंप मचा दिया है. वहीं अब उन्होंने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा है कि टैरिफ से अमेरिका को 600 अरब डॉलर मिलने वाले हैं.
आने वाले हैं 600 अरब डॉलर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (Social Media) ट्रुथ सोशल पर का दावा है कि टैरिफ से होने वाली वसूली 600 अरब डॉलर (करीब 54.12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) से अधिक होगी. हालांकि, यहां बता दें कि Donald Trump द्वारा अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करने के आरोपों को लेकर कानूनी चुनौतियों के बीच अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय (US Supreme Court) में टैरिफ व्यवस्था की जांच चल रही है, जिसका फैसला आना अभी बाकी है.
Tariff ने US को मजबूत बनाया
अपनी Social Media Post में अमेरिकी राष्ट्रपति ने वाशिंगटन को टैरिफ के रूप में 600 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि प्राप्त होने का बड़ा दावा करते हुए तर्क दिया कि इन शुल्कों ने संयुक्त राज्य अमेरिका को वित्तीय और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों के स्तर पर और भी मजबूत बनाया है.

मीडिया के अनुमानों पर ट्रंप क्या बोले?
बता दें कि बीते कुछ दिनों में US Tariff Revenue के अनुमान जाहिर करती हुईं कई रिपोर्ट्स आईं हैं, जिनमें इसका आंकड़ा 200-220 अरब डॉलर तक रहने की बात कही गई है. इन अनुमानों को लेकर ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर अपनी पोस्ट में लिखा कि, रेवेन्यू कलेक्शन को तथाकथित मीडिया द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है. उन्होंने ये आरोप भी लगाया कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के आने वाले टैरिफ से जुड़े फैसले को प्रभावित करने के लिए आंकड़ों को कम करके पेश किया जा रहा है.
क्यों SC में टैरिफ का मामला?
गौरतलब है कि US Supreme Court में टैरिफ व्यवस्था की जांच की जा रही है, क्योंकि इसे लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया है? अदालत ने इस मामले पर आखिरी बार बीते नवंबर 2025 में सुनवाई की थी और अंतिम निर्णय 2026 तक के लिए टाल दिया था. हालांकि, कोर्ट की ओर से ये साफ नहीं किया गया था कि फैसला कब तक आएगा.
अप्रैल 2025 से टैरिफ बम फोड़ने की शुरुआत
डोनाल्ड ट्रंप ने बीते साल 2 अप्रैल 2025 से भारत, चीन, ब्राजील समेत कई देशों पर भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ यानी पारस्परिक टैरिफ लगाने का ऐलान किया था. अमेरिकी राष्ट्रपति की इस टैरिफ पॉलिसी का उद्देश्य दरअसल अमेरिकी उत्पादों पर अन्य देशों द्वारा लगाए गए हाई टैरिफ के जवाब में बराबर का टैक्स लगाना था और इसे उन्होंने 'लिबरेशन-डे' करार दिया था. इसके बाद कुछ देशों पर लागू टैरिफ कम भी किए गए, तो कुछ पर बढ़ा दिए गए.