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बैट्री वाली कंपनी Eveready के अब ये नए मालिक, उथल-पुथल पर लगेगा ब्रेक?

Burman Family Takeover Eveready: साल 1993 से अब तक खेतान समूह में शामिल बैटरी निर्माता कंपनी Eveready Industry की कमान अब डाबर इंडिया के प्रमोटर बर्मन परिवार के हाथों में आ गई है. समूह की कंपनी में हिस्सेदारी बढ़कर 38 फीसदी से ज्यादा हो गई है.

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Eveready कंपनी का प्रमोटर बना बर्मन परिवार Eveready कंपनी का प्रमोटर बना बर्मन परिवार
स्टोरी हाइलाइट्स
  • Eveready में बर्मन ग्रुप की 38.38% संयुक्त हिस्सेदारी
  • 20 वर्षों से कंपनी पर था बीएम खेतान ग्रुप का नियंत्रण

कोलकाता स्थित फ्लैशलाइट और बैट्री निर्माता Eveready ने मंगलवार को नियामकीय फाइलिंग में बताया कि डाबर इंडिया (Dabur India) का प्रमोटर बर्मन परिवार (Burman Family) अब एवरेडी इंडस्ट्रीज का प्रमोटर बन गया है. परिवार से संबंधित इकाइयां, पूरन एसोसिएट्स, वीआईसी एंटरप्राइजेज, एमबी फिनमार्ट, ज्ञान एंटरप्राइजेज और चौधरी एसोसिएट्स जून में ओपन ऑफर के पूरा होने के बाद एवरेडी इंडस्ट्रीज में संयुक्त रूप से 38.38 फीसदी हिस्सेदार बन गई हैं. 

बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, बर्मन परिवार की निवेश फर्मों ने जून में ओपन मार्केट से एवरेडी इंडस्ट्रीज का 14.55 फीसदी हिस्सा हासिल कर लिया और अब सामूहिक रूप से उसके पास सबसे बड़ी हिस्सेदारी है. इससे पहले ही एवरेडी में उसने 23.83 फीसदी हिस्सेदारी हासिल कर ली थी. फरवरी 2022 में बर्मन समूह ने विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से, एवरेडी इंडस्ट्रीज के लगभग 1.89 करोड़ शेयरों का अधिग्रहण करने के लिए 604.76 करोड़ रुपये ओपन ऑफर रखा था, जो कि 320 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर था. 

डाबर इंडिया के वाइस चेयरमैन मोहित बर्मन ने Eveready Company में मची उथल-पुथल के बीच पहले दिए गए अपने एक बयान में कहा था कि उनका इरादा सिर्फ कंपनी के कंट्रोल को हाथ में लेने का है. उन्होंने कहा था, 'इस ब्रांड में काफी क्षमताएं हैं, कंपनी का फ्यूचर अच्छा नजर आता है और हम बिजनेस को नए लेवल पर लेकर जाएंगे'.

बीते दिनों आई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि बीते दो वर्षों में Eveready में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी घटकर 44.1 फीसदी से घटकर 4.8 फीसदी पर पहुंच गई. इसकी मुख्य वजह लोन डिफॉल्ट रही, जिसके चलते लेंडर्स ने गिरवी पड़े शेयर बेच दिए. इसके बाद से चर्चाएं जोरों पर थीं कि बर्मन परिवार इस कंपनी की कमान अपने हाथों में ले सकता है. 
 
Eveready पर बीएम खेतान ग्रुप का नियंत्रण पिछले 20 वर्षों से था. 1993 में खेतान ने इसे यूनियन कार्बाइड इंडिया से लिया था और बाद में इसका नाम एवरेडी रखा. मार्च 2022 में ही एवरेडी इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) आदित्य खेतान और अमृतांशु खेतान ने इस्तीफा दे दिया था. आज के दौर में भी ड्राई सेल बैटरी की खूब डिमांड है और कंपनी की मार्केट पर मजबूत पकड़ है. 

 

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