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उच्च कोटि के बीजों के लिए नेशनल मिशन का ऐलान, जानिए वित्त मंत्री ने क्या बताया

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का आम बजट पेश कर रही हैं. उन्होंने कहा, मछली पालन में भारत दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है. हमारा 60 हजार करोड़ का मार्केट है. अंडमान, निकोबार और गहरे समुद्र में मछली पकड़ने को बढ़ावा दिया जाएगा. कपास उत्पादकता मिशन के तहत उत्पादकता में पर्याप्त बढ़ोतरी होगी.

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में केंद्रीय बजट 2025-2026 पेश कर रही हैं. वित्त मंत्री ने कहा, राष्ट्रीय उच्च पैदावार बीज मिशन चलाया जाएगा. अनुसंधान, उच्च पैदावार, बीजों की 100 से ज्यादा किस्मों को किसानों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा.

उन्होंने कहा, मछली पालन में भारत दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है. हमारा 60 हजार करोड़ का मार्केट है. अंडमान, निकोबार और गहरे समुद्र में मछली पकड़ने को बढ़ावा दिया जाएगा. कपास उत्पादकता मिशन के तहत उत्पादकता में पर्याप्त बढ़ोतरी होगी और कपास के लंबे रेशे वाली किस्मों को बढ़ावा दिया जाएगा. किसानों की आमदनी को बढ़त मिलेगी.

किसानों को भी मिली सौगात

वित्त मंत्री ने कहा, राष्ट्रीय उच्च पैदावार बीज मिशन का क्रियान्वयन किया जाएगा. किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए 7.7 करोड़ किसानों को अल्पकालिक लोन की सुविधा मिलती है. यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए असम में यूरिया संयंत्र में उत्पादन शुरू किया गया है. इसमें 12.78 लाख मीट्रिक टन की क्षमता वाला संयंत्र स्थापित किया जाएगा.

इससे पहले उन्होंने कहा, हमारा फोकस और स्वास्थ्य और रोजगार पर है. सुधारों पर सरकार का जोर रहेगा. कृषि योजनाओं पर काम जारी रहेगा. पीएम मोदी के नेतृत्व में इकॉनोमी को गति दी जा रही है. 

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'अगले पांच साल विकास के लिए...'

उन्होंने कहा, ये विकसित भारत का बजट है. महिलाओं को आर्थिक मजबूती देना हमारा लक्ष्य है. हमारा लक्ष्य देश के विकास को बढ़ाना है. भारत सबसे तेज बढ़ने वाली इकॉनोमी का देश है. ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को अतिरिक्त सहायता पर जोर दिया जा रहा है. हमारी सरकार कृषि उत्पादन बढ़ाने पर जोर रही है. अगले पांच साल विकास का मौका है.

बिहार के मखाना किसानों के लिए भी बजट में ऐलान किया गया है. मखाना बोर्ड बनाया जाएगा. 100 जिलों में धन्य धान्य योजना की शुरुआत भी की जा रही है. कम उपज वाले जिलों में ये योजना शुरू की गई है. किसानों को खेती का उचित मुआवजा दिया जाएगा. दाल उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया गया है. मछली उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जाएगा. वित्तीय सेक्टर में सुधार भी किया जा रहा है. तूर, उड़द और मसूर दाल के लिए भी सरकार का जोर है. डेयरी और मत्स्य पालन के लिए 5 लाख तक का कर्ज दिया जाएगा.

स्टार्टअप के लिए 10 करोड़ की सीमा तय की गई है. किसान क्रेडिट कार्ड में लोन सीमा भी 5 लाख रुपए तय की जाएगी. सस्ते ब्याज पर किसानों को कर्ज मिलेगा. किसानों के लिए यूरिया फैक्ट्री लगाई जाएगी. कपास प्रोडक्शन मिशन का ऐलान भी किया गया है. कपास किसानों को 5 साल पैकेज दिया जाएगा.

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इससे पहले वित्त मंत्री ने जब बजट पढ़ना शुरू किया तो शुरुआत में विपक्षी सदस्यों ने संदन में नारेबाजी की. बजट से पहले संसद में मोदी कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें केंद्रीय बजट को मंजूरी दी गई. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना 8वां बजट पेश कर रही हैं.

वित्त मंत्री ने बताया कि इंडिया पोस्ट को एक बड़े सार्वजनिक लॉजिस्टिक्स संगठन में तब्दील किया जाएगा. सूक्ष्म उद्यमों के लिए MSME क्रेडिट गारंटी कवर को 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया जाएगा, जिससे अगले 5 वर्षों में अतिरिक्त 1.5 लाख करोड़ रुपये का क्रेडिट मिलेगा. MSME वर्गीकरण के लिए MSME निवेश और टर्नओवर सीमा क्रमशः 2.5 और 2 गुना तक बढ़ाई गई है.

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