बिहार में लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल यानी कि आरजेडी के एक गालीबाज सांसद की वजह से राज्य की राजनीति गरमा गई है. ग्रामीणों ने काम को लेकर जरा सवाल क्या पूछ लिया नेता जी आग-बबूला हो उठे और बिना शब्दों की मर्यादा रखे गाली-गलौज पर उतर आए. आरजेडी के ये गालीबाज सांसद जहानाबाद से मेंबर ऑफ पार्लियामेंट डॉक्टर सुरेंद्र प्रसाद यादव हैं, जिनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है.
इस वीडियो में आरजेडी सांसद डॉक्टर सुरेंद्र प्रसाद यादव खुले मंच से यादव समाज के लोगों को गाली देते नजर आ रहे हैं. इस दौरान नेताजी कई आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल करते सुने जा सकते हैं, जिसे यहां लिखा भी नहीं जा सकता है. हैरानी की बात यह है कि यादव समाज को आरजेडी का कोर वोटर माना जाता रहा है, लेकिन उसी समाज के लोगों के लिए सांसद की भाषा ने अब राजनीतिक भूचाल खड़ा कर दिया है.
सवाल पूछने पर भड़के सांसद, करने लगे अपशब्दों का इस्तेमाल
यह वायरल वीडियो गया जिले के अतरी विधानसभा क्षेत्र का बताया जा रहा है, जो जहानाबाद लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. वीडियो में सांसद डॉ. सुरेंद्र यादव ग्रामीणों से बातचीत करते नजर आ रहे हैं. इसी दौरान जब लोगों ने विकास और काम को लेकर उनसे सवाल किया, तो सांसद अचानक आक्रामक हो गए और गाली देने लगे.
वीडियो में सांसद यह कहते सुने जा रहे हैं कि अतरी विधानसभा में यादव समाज के करीब 15 हजार वोट विपक्षी उम्मीदवार को मिले, ऐसे में वह यहां काम कैसे करेंगे. इसी बातचीत के दौरान उन्होंने कुछ लोगों का नाम लेते हुए अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
जिसने वोट नहीं दिया उसका काम कैसे करें: डॉक्टर सुरेंद्र प्रसाद यादव
बताया जा रहा है कि यह घटना 11 जनवरी की है. गया जिले के खिजरसराय प्रखंड अंतर्गत सरैया गांव में एक क्रिकेट टूर्नामेंट समारोह का आयोजन किया गया था, जिसमें जहानाबाद सांसद डॉ. सुरेंद्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे.
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब वह लौट रहे थे, तभी रास्ते में ग्रामीणों ने उन्हें रोक लिया और उनसे बातचीत करने लगे, जिसका वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सुर्खियां बटोर रहा है.वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है. हालांकि अभी तक इस वीडियो को लेकर सांसद की ओर से कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह मुद्दा बहस का विषय बन चुका है.