पूर्णिया में एयरपोर्ट निर्माण को लेकर जमीन अधिग्रहण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. ग्रामीणों और पुलिस के बीच जबरदस्त टकराव उस समय हुआ, जब ग्रामीणों ने जबरन मक्के की फसल काटकर सड़क बनाने का विरोध किया. हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जबकि गुस्साए ग्रामीणों ने भी लाठी-डंडों से पुलिस को खदेड़ने की कोशिश की.
मुआवजे पर विवाद, उग्र हुए ग्रामीण
ग्रामीणों का साफ कहना है कि जमीन अधिग्रहण के बाद भी उन्हें मुआवजे की राशि नहीं दी गई है. वहीं, प्रशासन का दावा है कि मुआवजा कोर्ट में जमा कर दिया गया है, और किसान वहीं से ले सकते हैं. लेकिन हकीकत यह है कि कई ग्रामीणों को इस प्रक्रिया की जानकारी ही नहीं है, और वे खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं.
सड़क बनाने को लेकर भड़के लोग
पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच तीखी झड़प हुई. जब प्रशासन ने मक्के की फसल काटनी शुरू की, तो ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और पुलिस से भिड़ गए. हालात बिगड़ते देख पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिससे माहौल और गर्मा गया. मौके पर पहुंचे एसडीओ पार्थ गुप्ता ने बताया कि एयरपोर्ट निर्माण के लिए बाहर से ठेकेदार आ चुके हैं और स्थानीय लोगों से कई दौर की बातचीत हो चुकी है. प्रशासन ठेकेदारों को सुरक्षा देने के लिए वहां मौजूद था. हालांकि, उन्होंने घटना पर ज्यादा कुछ कहने से इनकार कर दिया.
स्थानीय महिला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है, और प्रशासन ने उनकी फसल को जबरन काट दिया. उनका कहना है कि जब तक उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, वे विरोध जारी रखेंगे.
ये है पूरा मामला
पूर्णिया में एक नए एयरपोर्ट के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण किया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अभी तक मुआवजा नहीं मिला है, जबकि प्रशासन का दावा है कि रकम कोर्ट में जमा है. फिलहाल, पुलिस बल और एसडीओ की टीम इलाके में कैंप कर रही है, ताकि फिर से कोई हंगामा न हो. दूसरी ओर, स्थानीय लोग अब भी अपने हक की मांग कर रहे हैं और एयरपोर्ट निर्माण कार्य का विरोध कर रहे हैं.