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प्रिंसिपल ने कबाड़ी को बेच दी बच्चों की किताबें, SDO ने कार्रवाई के दिए निर्देश

मुंगेर से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि मिर्जापुर मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बच्चों की किताबें कबाड़ी को बेच दी है. वहीं, प्रधानाध्यापक का कहना है कि वह किताबें हमारे विद्यालय का नहीं है. शिक्षा विभाग द्वारा जो भी किताबें मिलती है, उसके हिसाब से छात्र-छात्राओं को दे दिया जाता है. मैंने कोई किताब नहीं बेची है.

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वीडियो ग्रैब.
वीडियो ग्रैब.

बिहार के मुंगेर में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में प्रखंड युवा राजद अध्यक्ष शंकर यादव मिर्जापुर बदरखा सड़क पर किताब लदे एक जुगाड़ गाड़ी को रोककर पूछताछ करते दिख रहे हैं. पूछताछ में गाड़ी चालक ने बताया कि कवाड़ी के भाव से किताबें स्कूल से खरीदी है और इसके लिए 2500 रूपये स्कूल के प्रधानाध्यापक को दिया है.

वायरल वीडियो असरगंज प्रखंड क्षेत्र का है. आरजेडी प्रखंड अध्यक्ष ने बताया कि जुगाड़ गाड़ी पर सरकारी विद्यालय के नई किताबें की बंडल में बंधा था. जुगाड़ गाड़ी को रोककर मिर्जापुर मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक हेमकांत झा को इसकी सूचना देने पर प्रधानाध्यापक पहुंचे. आगे राजद अध्यक्ष ने बताया कि प्रधानाध्यापक ने हमें कुछ दूर हटकर ले गए और समझा कर कहा कि विभाग के द्वारा विद्यालय में पहले से रखी किताबें हटाने का निर्देश की चिट्ठी प्राप्त है. इसलिए हम इसे कबाड़ी को दे रहे हैं.

प्रधानाध्यापक का आरोप से इनकार

वहीं, प्रधानाध्यापक सह निकासी व्यन पदाधिकारी हेमकांत झा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उक्त किताबें हमारे विद्यालय का नहीं है. शिक्षा विभाग द्वारा जो भी किताबें मिलती है, उसके हिसाब से छात्र-छात्राओं को दे दिया जाता है. मैंने कोई किताब नहीं बेची है.

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मामले में एसडीओ ने कही ये बात

तारापुर एसडीओ राकेश कुमार रंजन ने बताया कि असरगंज प्रखंड अंतर्गत मिर्जापुर मध्य विद्यालय से किताब बेचने की जानकारी सामने आई है. ठेले वाले का वीडियो वायरल हुआ है और उसने ये बताया है कि मिर्जापुर मध्य विद्यालय से खरीदा है. वायरल वीडियो के संदर्भ में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से बात हुई है. तत्काल प्रभाव से संबंधित प्रधानाध्यापक का वेतन बंद कर स्पष्टीकरण मांगा गया है.

एफआईआर दर्ज कर की जाएगी कार्रवाई

साथ ही बीआरसी से निर्मित किताब और स्कूल का रिकॉर्ड मिलान कराया जा रहा है. अगर जांच में ऐसा पाया जाता है कि उनके द्वारा किताब को बेची की गई है, तो प्राथमिकी दर्ज करते हुए अग्रिम कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने आगे बताया कि इस स्कूल से किताब बेचा गया है या नहीं. यह अभी स्पष्ट नहीं है. मगर, किताब में लगे मुहर से पता चलता है कि सभी किताब किसी न किसी सरकारी स्कूलों की है. वैसे जिस भी स्कूल की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी.

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