scorecardresearch
 

पटना के ग्रामीण इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी, फल्गु और सकरी नदियों के बढ़ते जलस्तर से डूबे कई क्षेत्र

बिहार की राजधानी पटना के ग्रामीण इलाकों और नालंदा में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है. झारखंड में लगातार बारिश से बिहार में नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है जिससे कई छोटे बांध टूट गए हैं और पटना के ग्रामीण और निचले इलाकों में पानी घुस गया है. बिहार सरकार के जल संसाधन मंत्री ने कहा कि अभी स्थिति पूरी तरह नियंत्रित है.

Advertisement
X
बिहार के कई इलाकों में बाढ़
बिहार के कई इलाकों में बाढ़

बिहार की राजधानी पटना के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ के पानी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. अधिकारियों ने कहा कि फल्गु और सकरी नदियों के बढ़ते जलस्तर से कई छोटे बांधों के टूट जाने के बाद गुरुवार को पटना (ग्रामीण) और नालंदा के निचले इलाके जलमग्न हो गए.

उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों में पड़ोसी राज्य झारखंड में भारी बारिश के बाद दोनों नदियां उफान पर थीं. उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाकों में पटना में पंडारक और फतुहा ब्लॉक और नालंदा में हिलसा ब्लॉक शामिल है.

उदेरास्थान बांध से सकरी और फल्गु नदियों से 53,945 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण पंडारक ब्लॉक में धनायन नदी के बाएं तट पर स्थित बरुआने जमींदारी बांध और सिरपतपुर बांध का कुछ हिस्सा कल रात क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई. जल संसाधन विभाग द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, पटना जिले के पंडारक और फतुहा ब्लॉक के इलाके ढूब गए हैं.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, नालंदा जिले के हिलसा ब्लॉक में दो छोटे बांध, जो बहुत ही जर्जर स्थिति में थे, क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे जमुआर और धुरी बिगहा गांवों के कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई.'

Advertisement

नियंत्रण में है बाढ़ की स्थिति: मंत्री

जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है. उन्होंने कहा, 'क्षतिग्रस्त छोटे बांधों की तत्काल मरम्मत के लिए आवश्यक वस्तुएं पहले ही लाई जा चुकी हैं. उनका निर्माण जल संसाधन विभाग द्वारा नहीं किया गया था. इसके अलावा, तत्काल मरम्मत और बचाव उपायों के लिए डब्ल्यूआरडी के वरिष्ठ अधिकारियों की टीमें पहले से ही वहां मौजूद हैं.'

बाढ़ पर है नजर: पटना डीएम

पटना के जिला मजिस्ट्रेट चन्द्रशेखर सिंह ने कहा कि स्थानीय अधिकारियों द्वारा बनाए गए छोटे बांधों, जिन्हें जमींदारी बांध भी कहा जाता है, के टूटने के कारण कुछ निचले इलाकों में पानी घुस गया है.

उन्होंने कहा, 'स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और संबंधित अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की है. रेत की बोरियां और बांस जैसी बाढ़ नियंत्रण सामग्री को नावों के जरिए साइट पर ले जाया गया है और मरम्मत का काम जारी है.'

 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement