बिहार में चुनाव के जब नई सरकार बनी, डिप्टी सीएम बनाए गए सम्राट चौधरी को गृह विभाग मिला. सूबे में तभी से बुलडोजर एक्शन शुरू हुआ, जो सम्राट चौधरी के अब मुख्यमंत्री बन जाने के बाद भी जोरों पर है. पूरे प्रदेश में अतिक्रमण के खिलाफ चल रहे इस अभियान की आलोचना भी हो रही है. विपक्ष ने सम्राट सरकार पर यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार की तर्ज पर काम करने, बुलडोजर राज का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है.
इसे लेकर अब सम्राट चौधरी की सफाई आई है. सीएम सम्राट ने मुंगेर जिले के तारापुर में बुलडोजर एक्शन का बचाव करते हुए कहा कि इसका मकसद सुंदर और समृद्ध बिहार बनाना है. इस अभियान में मेरे अपने घर को भी नहीं बख्शा गया. अपने निर्वाचन क्षेत्र में उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के खिलाफ इस अभियान से कई लोगों को असुविधा हुई है.
उन्हें बताना चाहता हूं कि इस अभियान के तहत मेरे घर तक जाने वाली सीढ़ियां भी तोड़ दी गई हैं. सीएम ने बुलडोजर एक्शन को लेकर आम जनता की शंकाओं पर भी सरकार का रुख साफ किया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी की निजी जमीन पर अगर कानूनी तौर पर सही तरीके से निर्माण हुआ है, तो उसपर बुलडोजर एक्शन नहीं होगा.
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सीएम ने साथ ही यह भी कहा कि सरकारी जमीन पर जहां भी अतिक्रमण दिखेगा, वहां कोई नरमी नहीं बरती जाएगी. उन्होंने कहा कि सुंदर और समृद्ध बिहार बनाने के लिए हमें कड़े फैसले लेने होंगे. गौरतलब है कि राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और सीपीआई(एमएल) लिबरेशन जैसी पार्टियों ने बुलडोजर एक्शन को लेकर सम्राट चौधरी की अगुवाई वाली सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है.
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विपक्षी दलों का आरोप है कि बिहार पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की तरह “बुलडोजर राज' की प्रयोगशाला बन गया है. विपक्षी दलों के नेताओं का आरोप है कि सम्राट चौधरी ने जब से नीतीश कुमार की जगह मुख्यमंत्री पद संभाला है, बुलडोजर एक्शन और तेज हो गया है.